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Etah News: बादल और बूंदाबांदी से अटकीं किसानों की सांसें
Fri, 10 Nov 2023 11:38 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 10 Nov 2023 11:38 PM IST
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एटा। जिले में शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे से एक घंटे बरसात हुई। इसकी वजह से मौसम का मिजाज बदल गया। लोगों को सर्दी का अहसास भी हुआ। वहीं बादल और बारिश को लेकर किसानों की सांसें अटक गईं। खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को इससे नुकसान होगा। वहीं बरसात अगर और ज्यादा होती है तो रबी की फसल की बुवाई में देरी होगी। जिससे उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा।
शुक्रवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर रिमझिम बरसात हुई। इस बेमौसम बरसात ने लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास करा दिया। बरसात में भीगे लोग कांपते दिखाई दिए। इसके अलावा बरसात ने किसानों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी। जिन किसानों का धान खेतों में कटा पड़ा है या कट रहा है, भीगने से नुकसान होगा। वहीं अगर बरसात और अधिक हुई तो रबी की फसल बुवाई में देरी होगी। साथ ही जो लोग गेंहू की बुवाई कर रहे हैं उनका कहना है कि बरसात होने से बोई गई फसल के ऊपर मिट्टी की परत जम जाएगी। जिसकी वजह से बीज को उगने में दिक्कत होगी। इस प्रकार की समस्या होने पर फसल उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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भीग गई खेतों में रखी पराली व पिटा धान
कुछ किसानों ने धान की फसल को पीटकर खेत में ही रखा हुआ था। वहीं पशुओं के चारे के लिए खेतों में धान की पराली एकत्रित कर के रखी थी, जो शुक्रवार को हुई रिमझिम बरसात के कारण भीग गई। इसके बाद किसानों ने उसको खेत से निकालकर दूसरी जगह रखा। किसानों का कहना था कि इस प्रकार अचानक हुई बरसात का वजह से धान व पराली को ढकने का समय ही नहीं मिला।
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शुक्रवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर रिमझिम बरसात हुई। इस बेमौसम बरसात ने लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास करा दिया। बरसात में भीगे लोग कांपते दिखाई दिए। इसके अलावा बरसात ने किसानों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी। जिन किसानों का धान खेतों में कटा पड़ा है या कट रहा है, भीगने से नुकसान होगा। वहीं अगर बरसात और अधिक हुई तो रबी की फसल बुवाई में देरी होगी। साथ ही जो लोग गेंहू की बुवाई कर रहे हैं उनका कहना है कि बरसात होने से बोई गई फसल के ऊपर मिट्टी की परत जम जाएगी। जिसकी वजह से बीज को उगने में दिक्कत होगी। इस प्रकार की समस्या होने पर फसल उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
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भीग गई खेतों में रखी पराली व पिटा धान
कुछ किसानों ने धान की फसल को पीटकर खेत में ही रखा हुआ था। वहीं पशुओं के चारे के लिए खेतों में धान की पराली एकत्रित कर के रखी थी, जो शुक्रवार को हुई रिमझिम बरसात के कारण भीग गई। इसके बाद किसानों ने उसको खेत से निकालकर दूसरी जगह रखा। किसानों का कहना था कि इस प्रकार अचानक हुई बरसात का वजह से धान व पराली को ढकने का समय ही नहीं मिला।
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