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Etah News: डायरिया से किसान की मौत, तीन दिन से चल रहा था इलाज
Wed, 12 Jun 2024 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 12 Jun 2024 11:25 PM IST
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एटा। भीषण गर्मी पड़ रही है। लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार की देर रात डायरिया से एक किसान की मौत हो गई। वह तीन दिन से परेशान था और निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे।
निधौलीकलां ब्लॉक क्षेत्र के गांव होर्ची निवासी 55 वर्षीय संतोष के परिजन ने बताया कि तीन दिन पहले उनको दस्त की समस्या हुई थी। पहले गांव के चिकित्सक से उपचार लिया। बाद में निधौलीकलां में एक क्लीनिक पर दिखाया। वहां चिकित्सक ने ड्रिप लगाई, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मंगलवार की देर शाम हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दे दी। वहां इमरजेंसी में चिकित्सक ने उनको मृत बता दिया। संतोष खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। जिले में डायरिया से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी हैं। दो मौत मारहरा ब्लॉक क्षेत्र में हुई थीं।
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बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां प्रतिदिन बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में दस्त की समस्या के पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि प्रतिदिन 55 से 60 दस्त की समस्या से मरीज आते हैं। मेडिसिन विभाग में डॉ. शैलेष कुमार ने बताया बुधवार को उनके कक्ष में पेट की समस्या के 70 से 80 मरीज आए। इसमें से 50 से 55 मरीज दस्त की समस्या के रहे। वहीं इमरजेंसी में 24 घंटे में उल्टी व दस्त के 9 मरीज पहुंचे।
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निधौलीकलां ब्लॉक क्षेत्र के गांव होर्ची निवासी 55 वर्षीय संतोष के परिजन ने बताया कि तीन दिन पहले उनको दस्त की समस्या हुई थी। पहले गांव के चिकित्सक से उपचार लिया। बाद में निधौलीकलां में एक क्लीनिक पर दिखाया। वहां चिकित्सक ने ड्रिप लगाई, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मंगलवार की देर शाम हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दे दी। वहां इमरजेंसी में चिकित्सक ने उनको मृत बता दिया। संतोष खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। जिले में डायरिया से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी हैं। दो मौत मारहरा ब्लॉक क्षेत्र में हुई थीं।
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बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां प्रतिदिन बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में दस्त की समस्या के पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि प्रतिदिन 55 से 60 दस्त की समस्या से मरीज आते हैं। मेडिसिन विभाग में डॉ. शैलेष कुमार ने बताया बुधवार को उनके कक्ष में पेट की समस्या के 70 से 80 मरीज आए। इसमें से 50 से 55 मरीज दस्त की समस्या के रहे। वहीं इमरजेंसी में 24 घंटे में उल्टी व दस्त के 9 मरीज पहुंचे।
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