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Etah News: सीएनजी के फर्जी लीकेज टेस्टिंग लेटर हो रहे तैयार
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एटा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को फर्जी सीएनजी लीकेज टेस्टिंग लेटर तैयार होने की जानकारी मिली। इसके बाद जांच की गई तो एक वाहन चालक के पास फर्जी लीकेज टेस्टिंग लेटर भी मिला है। मामले में चालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
सीएनजी के लीकेज टेस्टिंग लेटर से पता चलता है कि वहां में लगा हुआ सिलिंडर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं। किस प्रकार की फर्जी लेटर बनने की सूचना पर जांच की गई तो एक मामला सामने आया है। आरआई चरण सिंह ने बताया कि एक वाहन चालक के पास फर्जी लिखित टेस्टिंग लेटर मिला है। इसके बाद सभी वाहनों के लेटर चेक किया जा रहे हैं और पकड़े गए वाहन चालक को नोटिस देते हुए जवाब मांगा गया है।
जवाब सही न मिलने पर वाहन की फिटनेस निरस्त कर दी जाएगी। बताया कि जिन वाहनों में सीएनजी सिलिंडर लगा होता है, संबंधित कंपनी उनको एक पत्र जारी करती है। इसी पत्र के आधार पर वाहन की फिटनेस चेक की जाती है। इस लेटर को बनवाने में लगभग 1000 रुपये का खर्च आता है। अधिकांश वाहन चालकों को इस पत्र के बारे में जानकारी नहीं है, यही वजह है कि लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और फर्जी लेटर बनाकर दे रहे हैं।
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चालक के पास जो पत्र मिला है वह किसी कंप्यूटर सेंटर से बनाया गया है और जांच में सामने आया कि 1500 रुपये में तैयार किया गया है। जब इस मामले की जानकारी मिली तो जांच-पड़ताल की गई। वाहन फिटनेस के दौरान जब यह लेटर दिखाया गया तो फर्जी होने की जानकारी हुई।
मामला सामने आने के बाद सीएनजी से संबंधित सभी वाहनों की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पत्र कहां से आया और किसने बनाया इसकी भी जांच की जा रही है। -सत्येंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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सीएनजी के लीकेज टेस्टिंग लेटर से पता चलता है कि वहां में लगा हुआ सिलिंडर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं। किस प्रकार की फर्जी लेटर बनने की सूचना पर जांच की गई तो एक मामला सामने आया है। आरआई चरण सिंह ने बताया कि एक वाहन चालक के पास फर्जी लिखित टेस्टिंग लेटर मिला है। इसके बाद सभी वाहनों के लेटर चेक किया जा रहे हैं और पकड़े गए वाहन चालक को नोटिस देते हुए जवाब मांगा गया है।
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जवाब सही न मिलने पर वाहन की फिटनेस निरस्त कर दी जाएगी। बताया कि जिन वाहनों में सीएनजी सिलिंडर लगा होता है, संबंधित कंपनी उनको एक पत्र जारी करती है। इसी पत्र के आधार पर वाहन की फिटनेस चेक की जाती है। इस लेटर को बनवाने में लगभग 1000 रुपये का खर्च आता है। अधिकांश वाहन चालकों को इस पत्र के बारे में जानकारी नहीं है, यही वजह है कि लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और फर्जी लेटर बनाकर दे रहे हैं।
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चालक के पास जो पत्र मिला है वह किसी कंप्यूटर सेंटर से बनाया गया है और जांच में सामने आया कि 1500 रुपये में तैयार किया गया है। जब इस मामले की जानकारी मिली तो जांच-पड़ताल की गई। वाहन फिटनेस के दौरान जब यह लेटर दिखाया गया तो फर्जी होने की जानकारी हुई।
मामला सामने आने के बाद सीएनजी से संबंधित सभी वाहनों की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पत्र कहां से आया और किसने बनाया इसकी भी जांच की जा रही है। -सत्येंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी