{"_id":"68f3e78355c28da0bc0da335","slug":"fake-desi-ghee-business-can-make-people-sick-etah-news-c-163-1-sagr1016-140730-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: नकली देसी घी का कारोबार बना सकता है लोगों को बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: नकली देसी घी का कारोबार बना सकता है लोगों को बीमार
Sun, 19 Oct 2025 12:46 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 19 Oct 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
एटा। खाद्य पदार्थों में मिलावट का जहर देसी घी के कारोबार में भी घुल रहा है। रिफाइंड और वनस्पति तेल मिलाकर तैयार किया जा रहा नकली घी भले ही खाने का स्वाद बढ़ा दे, लेकिन सेहत खराब कर सकता है। कई इलाकों में इस तरह का कारोबार हो रहा और पूरे अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम किसी को नहीं पकड़ सकी।
सहावर रोड, गंजडुंडवारा रोड, निधौली कलां रोड, वनगांव में नकली देसी घी की फैक्टरी संचालित की जाती हैं। त्योहार पर बढ़ी हुई घी की मांग के चलते इनमें उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है। फैक्टरी में काम करने वाले एक श्रमिक के अनुसार कुछ मात्रा में घी लेकर उसमें वनस्पति या रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है। इसके बाद वजन बढ़ाने के लिए उबला आलू, कोलतार डाई, स्वाद के लिए एसेंस मिलाया जाता है। अच्छी गुणवत्ता के लिए आरएम ऑयल मिलाया जाता है, जिससे मिलावट पकड़ में नहीं आती है।
चार-पांच साल पहले गंजडुंडवारा रोड और सहावर रोड पर इस तरह के गोदाम पकड़े जा चुके हैं। कुछ समय बाद इन लोगों ने जगह बदलकर आसपास फिर यही कारोबार शुरू कर दिया। इस बार तो खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन तक पहुंचने की कोशिश भी नहीं की और बाजार में त्योहार के दौरान जमकर नकली घी खपा दिया गया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि नकली घी में मिलाए जाने वाले वनस्पति तेल और अन्य फैट कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में ब्लॉकेज, हार्ट अटैक और उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इसके अलावा गैस, एसिडिटी, अपच और दस्त की दिक्कत हो सकती है। लगातार इसके सेवन से लिवर और आंतों पर बुरा असर पड़ता है। यह कैंसर तक की वजह बन सकता है।
विज्ञापन
सहावर रोड, गंजडुंडवारा रोड, निधौली कलां रोड, वनगांव में नकली देसी घी की फैक्टरी संचालित की जाती हैं। त्योहार पर बढ़ी हुई घी की मांग के चलते इनमें उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है। फैक्टरी में काम करने वाले एक श्रमिक के अनुसार कुछ मात्रा में घी लेकर उसमें वनस्पति या रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है। इसके बाद वजन बढ़ाने के लिए उबला आलू, कोलतार डाई, स्वाद के लिए एसेंस मिलाया जाता है। अच्छी गुणवत्ता के लिए आरएम ऑयल मिलाया जाता है, जिससे मिलावट पकड़ में नहीं आती है।
विज्ञापन
चार-पांच साल पहले गंजडुंडवारा रोड और सहावर रोड पर इस तरह के गोदाम पकड़े जा चुके हैं। कुछ समय बाद इन लोगों ने जगह बदलकर आसपास फिर यही कारोबार शुरू कर दिया। इस बार तो खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन तक पहुंचने की कोशिश भी नहीं की और बाजार में त्योहार के दौरान जमकर नकली घी खपा दिया गया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि नकली घी में मिलाए जाने वाले वनस्पति तेल और अन्य फैट कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में ब्लॉकेज, हार्ट अटैक और उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इसके अलावा गैस, एसिडिटी, अपच और दस्त की दिक्कत हो सकती है। लगातार इसके सेवन से लिवर और आंतों पर बुरा असर पड़ता है। यह कैंसर तक की वजह बन सकता है।