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वादों के भरोसे बंजर होती रही उम्मीदें
Amar Ujala
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:18 AM IST
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सूखी नहर
- फोटो : Amar Ujala
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सिंचाई को तरसती फसलें, बंजर होती जमीन और मिट्टी में मिलती किसानों की मेहनत। वादों के सहारे हर बार उम्मीदें बंजर होती रहीं। माचुआ रजवहा का निर्माण हुआ तो लगा कि अब कुछ उम्मीदें परवान चढ़ेंगी, लेकिन फिर उम्मीदों पर पानी फिर गया। मौसम ने मुंह मोड़ा, तो फसलें रूठ गईं, लेकिन मुआवजे का मरहम नहीं लगा। मारहरा विस क्षेत्र के गांव अखतौली में किसान मुआवजे और पानी के लिए तरस रहे हैं। साल बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन बस नहीं बदल सकी तो किसानों की तकदीर।
किसान राजेश आर्य कहते हैं कि क्षेत्र के 50 से ज्यादा गांव माचुआ रजवहा पर निर्भर हैं, लेकिन रजवहा में पानी नहीं है। किसान ट्यूबवेल या अन्य संसाधनों से सिंचाई कर रहे हैं। क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों किसान अभी भी फसल बर्बादी के मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसान नेम सिंह बताते हैं कि उनकी पांच बीघा फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। दरअसल, वर्ष 1967 से लेकर 2008 तक मारहरा विस क्षेत्र का नाम निधौलीकलां था। यहां से मुलायम सिंह यादव ने चुनाव जीते और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं बरकरार रहीं। कुलदीप पचौरी बताते हैं कि यूं तो मारहरा-पीएसी मार्ग का निर्माण हुआ है, लेकिन परिवहन सुविधा का अभाव है। क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा संस्थानों का अभाव युवाओं के लिए बड़ी बाधा है। युवा सुमंत यादव कहते हैं कि तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। चिकित्सा के लिहाज से सीएचसी और पीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। मारहरा में विश्वविख्यात दरगाह खानकाहे बरकातिया को सूफी सर्किट की मंजूरी मिली, लेकिन इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित नहीं किया जा सका।
क्यों चुने आपको
अमित गौरव यादव (सपा)
- लंबित परियोजनाओं को पूरा कराना।
- माचुआ रजवहा में पानी को शुरू कराना।
- सड़क और बिजली की व्यवस्था कराना।
- मारहरा दरगाह को सूफी सर्किट का दर्जा दिलाना।
- जर्जर सड़कों का निर्माण पूरा कराना।
----------
वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा)
- गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को खत्म करना।
- क्षेत्र में अवरुद्ध पड़े विकास को गति देना।
- शिक्षा क्षेत्र के लिए स्कूल, कॉलेजों की स्थापना।
- युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की व्यवस्था।
- स्वास्थ्य सुविधा की बेहतरी के लिए व्यवस्था करना।
शलभ माहेश्वरी (बसपा)
- अवैध कब्जों को खत्म कराना।
- क्षेत्र में विकास के लिए सड़कों का निर्माण।
- युवाओं को रोजगार की व्यवस्था कराना।
- किसानों के लिए सिंचाई को पानी उपलब्ध कराना।
- क्षेत्र में चिकित्सा के लिए बड़े अस्पताल का निर्माण कराना।
ये हैं चुनाव मैदान में
1.वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा)
2.अमित गौरव यादव (सपा)
3.शलभ माहेश्वरी (बसपा)
4.रंजीत यादव (लोकदल)
5.कैलाश लोधी (जन अधिकार मंच)
6.रामनिवास यादव (वोटर पार्टी)
7.हरेंद्र कुमार (निर्दलीय)
8.शिवा राजपूत (निर्दलीय)
9.विद्याराम (निर्दलीय)
10.भूदेवी (निर्दलीय)
मारहरा विस क्षेत्र में मतदाता
कुल मतदाता- 295311
पुरुष मतदाता- 159399
महिला मतदाता- 135912
मारहरा विस क्षेत्र की पहचान
पुरातात्विक स्थल अतरंजी खेड़ा, माचुआ रजवहा, मारहरा मेें दरगाह खानकाहे बरकातिया
तहसील- एटा
ब्लॉक- मारहरा, निधौलीकलां (आंशिक)
थाने- मारहरा, मिरहची, पिलुआ
अब तक के विधायक
1952- कोई विधायक नहीं
1957- कोई विधायक नहीं
1962- रघुवीर सिंह- प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1967- आर सिंह- कांग्रेस
1969- गंगा सिंह- भारतीय क्रांति दल
1974- गंगा सिंह- भारतीय क्रांति दल
1977- राम सिंह- जेएनपी
1980- हंसराज सिंह- कांग्रेस (आई)
1985- रमेश यादव- लोकदल
1989- अनिल कुमार सिंह यादव- कांग्रेस
1991- सुधाकर वर्मा- भाजपा
1993- मुलायम सिंह यादव- सपा
1996- ओमप्रकाश- भाजपा
2002- अनिल कुमार सिंह यादव- सपा
2007- अनिल कुमार सिंह यादव- सपा
2010 उपचुनाव- अमित गौरव यादव- सपा
2012- अमित गौरव यादव- सपा
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किसान राजेश आर्य कहते हैं कि क्षेत्र के 50 से ज्यादा गांव माचुआ रजवहा पर निर्भर हैं, लेकिन रजवहा में पानी नहीं है। किसान ट्यूबवेल या अन्य संसाधनों से सिंचाई कर रहे हैं। क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों किसान अभी भी फसल बर्बादी के मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसान नेम सिंह बताते हैं कि उनकी पांच बीघा फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। दरअसल, वर्ष 1967 से लेकर 2008 तक मारहरा विस क्षेत्र का नाम निधौलीकलां था। यहां से मुलायम सिंह यादव ने चुनाव जीते और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं बरकरार रहीं। कुलदीप पचौरी बताते हैं कि यूं तो मारहरा-पीएसी मार्ग का निर्माण हुआ है, लेकिन परिवहन सुविधा का अभाव है। क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा संस्थानों का अभाव युवाओं के लिए बड़ी बाधा है। युवा सुमंत यादव कहते हैं कि तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। चिकित्सा के लिहाज से सीएचसी और पीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। मारहरा में विश्वविख्यात दरगाह खानकाहे बरकातिया को सूफी सर्किट की मंजूरी मिली, लेकिन इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित नहीं किया जा सका।
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क्यों चुने आपको
अमित गौरव यादव (सपा)
- लंबित परियोजनाओं को पूरा कराना।
- माचुआ रजवहा में पानी को शुरू कराना।
- सड़क और बिजली की व्यवस्था कराना।
- मारहरा दरगाह को सूफी सर्किट का दर्जा दिलाना।
- जर्जर सड़कों का निर्माण पूरा कराना।
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वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा)
- गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को खत्म करना।
- क्षेत्र में अवरुद्ध पड़े विकास को गति देना।
- शिक्षा क्षेत्र के लिए स्कूल, कॉलेजों की स्थापना।
- युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की व्यवस्था।
- स्वास्थ्य सुविधा की बेहतरी के लिए व्यवस्था करना।
शलभ माहेश्वरी (बसपा)
- अवैध कब्जों को खत्म कराना।
- क्षेत्र में विकास के लिए सड़कों का निर्माण।
- युवाओं को रोजगार की व्यवस्था कराना।
- किसानों के लिए सिंचाई को पानी उपलब्ध कराना।
- क्षेत्र में चिकित्सा के लिए बड़े अस्पताल का निर्माण कराना।
ये हैं चुनाव मैदान में
1.वीरेंद्र सिंह लोधी (भाजपा)
2.अमित गौरव यादव (सपा)
3.शलभ माहेश्वरी (बसपा)
4.रंजीत यादव (लोकदल)
5.कैलाश लोधी (जन अधिकार मंच)
6.रामनिवास यादव (वोटर पार्टी)
7.हरेंद्र कुमार (निर्दलीय)
8.शिवा राजपूत (निर्दलीय)
9.विद्याराम (निर्दलीय)
10.भूदेवी (निर्दलीय)
मारहरा विस क्षेत्र में मतदाता
कुल मतदाता- 295311
पुरुष मतदाता- 159399
महिला मतदाता- 135912
मारहरा विस क्षेत्र की पहचान
पुरातात्विक स्थल अतरंजी खेड़ा, माचुआ रजवहा, मारहरा मेें दरगाह खानकाहे बरकातिया
तहसील- एटा
ब्लॉक- मारहरा, निधौलीकलां (आंशिक)
थाने- मारहरा, मिरहची, पिलुआ
अब तक के विधायक
1952- कोई विधायक नहीं
1957- कोई विधायक नहीं
1962- रघुवीर सिंह- प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1967- आर सिंह- कांग्रेस
1969- गंगा सिंह- भारतीय क्रांति दल
1974- गंगा सिंह- भारतीय क्रांति दल
1977- राम सिंह- जेएनपी
1980- हंसराज सिंह- कांग्रेस (आई)
1985- रमेश यादव- लोकदल
1989- अनिल कुमार सिंह यादव- कांग्रेस
1991- सुधाकर वर्मा- भाजपा
1993- मुलायम सिंह यादव- सपा
1996- ओमप्रकाश- भाजपा
2002- अनिल कुमार सिंह यादव- सपा
2007- अनिल कुमार सिंह यादव- सपा
2010 उपचुनाव- अमित गौरव यादव- सपा
2012- अमित गौरव यादव- सपा