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यहां महिलाओं के नाम से होती है घरों की पहचान
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सुमन देवी ।संवाद
- फोटो : ETAH
जिले के निधौलीकलां ब्लॉक में एक ऐसा भी गांव पलिया है जहां घर की पहचान महिला के नाम से होती है। यहां मकान के बाहर लगी नेमप्लेट पर पुरुष प्रधान समाज का नहीं वरन घर की मुखिया महिला का नाम अंकित है। गांव में जब कोई किसी के घर का रास्ता पूछता है तो परिवार की महिला का नाम पूछा जाता है।
निधौलीकलां रोड पर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर स्थित है गांव पलिया। यहां करीब तीन हजार की आबादी में 12 सौ वोटर हैं और प्रधान ऊषा देवी हैं। गांव में इंग्लिश मीडियम से संचालित मॉडल स्कूल प्राथमिक विद्यालय पलिया की 11 सदस्यीय विद्यालय प्रबंध समिति की हर बुधवार को बैठक होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जब नारी सशक्तिकरण अभियान चलाया तो ग्रामीणों ने कुछ अलग करने का विचार बनाया। प्रबंध समिति ने निर्णय लिया कि अब गांव में घर की पहचान पुरुष प्रधान समाज से नहीं बल्कि महिलाओं के नाम से होगी। समिति के निर्णय के बाद गांव में घर की मुखिया महिलाओं के नाम की लिस्ट बनाई गई। महिलाओं की नाम पट्टिकाएं तैयार कराए गए और उन्हें घर के बाहर चस्पा कराया गया।
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घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगी है, इससे सम्मान का अहसास हो रहा है, अब तक तो आदमियों के नाम से ही मकान की पहचान होती थी।
मीरा देवी पत्नी शैलेंद्र सिंह
बहुत अच्छा लगा जब घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगी। अब तक कोई हमारा नाम नहीं जानता था, अब पूरा गांव नाम जान गया है।
सुमन देवी, पत्नी कृष्णवीर
महिलाएं घर की चाहरदीवारी में कैद रहती हैं, बाहर उन्हें कोई जान नहीं पाता है, अब घर के बाहर नाम लिखने से लोग आवाज देकर बुलाते हैं।
कांति देवी पत्नी हरिओम शर्मा
गांव में लोग आदमियों के नाम से ही घरों को जानते थे, अब घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगने से लोग हमारे नाम के साथ घर भी जानने लगे हैं।
सर्वेश देवी, पत्नी राजभान सिंह
हम पति-पत्नी शिक्षक-शिक्षिका हैं और साथ-साथ जाते हैं। एक दिन स्कूल जाते समय रास्ते में विचार आया कि जन्म देने वाली मां यशोदा और देवकी से जब कृष्ण की पहचान होती है तो यहां क्यों न मां के नाम से परिवार की पहचान हो, आखिर मकान भी तो महिला के आने के बाद ही घर बनता है। इसी विचार को स्कूल की विद्यालय प्रबंध समिति के समक्ष रखा, सबको पसंद आ गया। मेरे घर के बाहर बहन अपर्णा उपाध्याय का नाम लिखा है। अब तक गांव में तीस घरों पर नेम प्लेट लगा चुके हैं, हर बुधवार को समिति की बैठक के बाद यह कार्य किया जाता है।
डा. ऋतेश उपाध्याय, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पलिया, निधौलीकलां
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निधौलीकलां रोड पर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर स्थित है गांव पलिया। यहां करीब तीन हजार की आबादी में 12 सौ वोटर हैं और प्रधान ऊषा देवी हैं। गांव में इंग्लिश मीडियम से संचालित मॉडल स्कूल प्राथमिक विद्यालय पलिया की 11 सदस्यीय विद्यालय प्रबंध समिति की हर बुधवार को बैठक होती है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जब नारी सशक्तिकरण अभियान चलाया तो ग्रामीणों ने कुछ अलग करने का विचार बनाया। प्रबंध समिति ने निर्णय लिया कि अब गांव में घर की पहचान पुरुष प्रधान समाज से नहीं बल्कि महिलाओं के नाम से होगी। समिति के निर्णय के बाद गांव में घर की मुखिया महिलाओं के नाम की लिस्ट बनाई गई। महिलाओं की नाम पट्टिकाएं तैयार कराए गए और उन्हें घर के बाहर चस्पा कराया गया।
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घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगी है, इससे सम्मान का अहसास हो रहा है, अब तक तो आदमियों के नाम से ही मकान की पहचान होती थी।
मीरा देवी पत्नी शैलेंद्र सिंह
बहुत अच्छा लगा जब घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगी। अब तक कोई हमारा नाम नहीं जानता था, अब पूरा गांव नाम जान गया है।
सुमन देवी, पत्नी कृष्णवीर
महिलाएं घर की चाहरदीवारी में कैद रहती हैं, बाहर उन्हें कोई जान नहीं पाता है, अब घर के बाहर नाम लिखने से लोग आवाज देकर बुलाते हैं।
कांति देवी पत्नी हरिओम शर्मा
गांव में लोग आदमियों के नाम से ही घरों को जानते थे, अब घर के बाहर हमारे नाम की प्लेट लगने से लोग हमारे नाम के साथ घर भी जानने लगे हैं।
सर्वेश देवी, पत्नी राजभान सिंह
हम पति-पत्नी शिक्षक-शिक्षिका हैं और साथ-साथ जाते हैं। एक दिन स्कूल जाते समय रास्ते में विचार आया कि जन्म देने वाली मां यशोदा और देवकी से जब कृष्ण की पहचान होती है तो यहां क्यों न मां के नाम से परिवार की पहचान हो, आखिर मकान भी तो महिला के आने के बाद ही घर बनता है। इसी विचार को स्कूल की विद्यालय प्रबंध समिति के समक्ष रखा, सबको पसंद आ गया। मेरे घर के बाहर बहन अपर्णा उपाध्याय का नाम लिखा है। अब तक गांव में तीस घरों पर नेम प्लेट लगा चुके हैं, हर बुधवार को समिति की बैठक के बाद यह कार्य किया जाता है।
डा. ऋतेश उपाध्याय, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पलिया, निधौलीकलां

सर्वेश देवी ।संवाद- फोटो : ETAH

मीरा देवी ।संवाद- फोटो : ETAH