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Etah News: परीक्षाएं नजदीक, सुचारू नहीं हो सका कंट्रोल रूम
Wed, 12 Feb 2025 04:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 12 Feb 2025 04:55 PM IST
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एटा। जिले को यूपी बोर्ड परीक्षा में अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद जिले में कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रहीं हैं। यहां टीएफटी से केंद्रों की निगरानी की जा रही है। रूम में लगी एक स्क्रीन बंद है। यह हाल तब है जब कंट्रोल रूम खुले हुए 10 दिन से अधिक का समय भी व्यतीत हो चुका है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 92 केंद्र बनाए गए हैं। सर्वाधिक केंद्र वित्तविहीन विद्यालय बने हॅैं। राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों की केंद्र बनाने में अनदेखी की गई। जिले में 57600 के करीब विद्यार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा को देंगे। निगरानी के लिए जीआईसी में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से केंद्रों की निगरानी हो सके, लेकिन हकीकत यह है कि कंट्रोल रूम ही पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है।
रूम में एक बड़ी स्क्रीन लगा दी गई है, लेकिन यह चल नहीं रही है। केंद्रों की मॉनीटरिंग के नाम पर टीएफटी चलाकर देख लिया जाता है। कई केंद्र भी ऑनलाइन नहीं रहते हैं। जबकि केंद्र व्यवस्थापकों से बार-बार 5जी डेटा इंटरनेट पैक रिचार्ज करने को कहा गया है।
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टीम भी नहीं रहती पूरी
इन दिनों केंद्र पर 10-10 सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह की पाली व शाम की पाली में ड्यूटी लगी है, लेकिन कुछ शिक्षक ड्यूटी के दौरान ही चले जाते हैं। बता दिया जाता है कार्य से गए हैं।
कंट्रोल रूम से केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। 2-3 केंद्र है जिन पर समस्या आ रही है। उनको दुरुस्त कराया जा रहा है। शिक्षक ड्यूटी के दौरान चले जाते हैं मामला गंभीर है, इसको दिखवाया जाएगा। -डाॅ. इंद्रजीत, डीआईओएस
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 92 केंद्र बनाए गए हैं। सर्वाधिक केंद्र वित्तविहीन विद्यालय बने हॅैं। राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों की केंद्र बनाने में अनदेखी की गई। जिले में 57600 के करीब विद्यार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा को देंगे। निगरानी के लिए जीआईसी में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से केंद्रों की निगरानी हो सके, लेकिन हकीकत यह है कि कंट्रोल रूम ही पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है।
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रूम में एक बड़ी स्क्रीन लगा दी गई है, लेकिन यह चल नहीं रही है। केंद्रों की मॉनीटरिंग के नाम पर टीएफटी चलाकर देख लिया जाता है। कई केंद्र भी ऑनलाइन नहीं रहते हैं। जबकि केंद्र व्यवस्थापकों से बार-बार 5जी डेटा इंटरनेट पैक रिचार्ज करने को कहा गया है।
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टीम भी नहीं रहती पूरी
इन दिनों केंद्र पर 10-10 सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह की पाली व शाम की पाली में ड्यूटी लगी है, लेकिन कुछ शिक्षक ड्यूटी के दौरान ही चले जाते हैं। बता दिया जाता है कार्य से गए हैं।
कंट्रोल रूम से केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। 2-3 केंद्र है जिन पर समस्या आ रही है। उनको दुरुस्त कराया जा रहा है। शिक्षक ड्यूटी के दौरान चले जाते हैं मामला गंभीर है, इसको दिखवाया जाएगा। -डाॅ. इंद्रजीत, डीआईओएस