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सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह भेजे गए जेल
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न्यायालय से बाहर निकल कर गाड़ी में चढ़ते रामेश्वर यादव ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। सपा नेता और अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को शुक्रवार सुबह पुलिस ने डकैती प्रभावित क्षेत्र न्यायालय में पेश किया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
पूर्व विधायक और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष पर कोतवाली नगर में 18 अप्रैल को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें पूर्व विधायक को गैंग लीडर और पूर्व जिपंअ को गैंग का सक्रिय सदस्य बताया गया था। इसके बाद से दोनों भाई फरार चल रहे थे। अदालत ने 31 मई को उनके विरुद्ध धारा 82 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कुर्की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिए। ये नोटिस एटा, जैथरा और अलीगंज में दोनों सपा नेताओं के आवासों व प्रतिष्ठानों पर चस्पा कर दिए गए। इसके बाद पुलिस संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में थी। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम आगरा के सेक्टर 10 आवास विकास कॉलोनी थाना सिकंदरा से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें एटा ले आई। रात में उन्हें पुलिस अभिरक्षा में कोतवाली देहात में रखा गया। शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे उनको लेकर पुलिस गैंगस्टर एक्ट न्यायालय पहुंची। विशेष लोक अभियोजक रक्षपाल सिंह ने बताया कि न्यायाधीश विनोद कुमार के अवकाश पर होने की वजह से पूर्व विधायक को विशेष न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र में पेश किया गया। यहां न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
गैंगचार्ट को फर्जी बता अधिवक्ताओं ने किया विरोध
पूर्व विधायक की पैरवी के लिए कई अधिवक्ताओं का समूह न्यायालय पहुंचा। उन्होंने पुलिस के गैंगचार्ट को फर्जी बताया। अधिवक्ता राकेश यादव ने कहा कि जो गैंगचार्ट बताया जा रहा है उसमें अधिकांश मुकदमे कई साल पुराने बताकर अब दर्ज किए जा रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से यह सब किया जा रहा है। पुलिस ने गिरफ्तारी भी फर्जी दिखाई है। इन सब बातों को लेकर पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया है।
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चिकित्सकीय सुविधा न दिलाने का आरोप
बृहस्पतिवार रात कोतवाली देहात में पूर्व विधायक से मिलने के बाद उनके अधिवक्ता उपेंद्र पाल ने बताया कि पूर्व विधायक रक्तचाप के मरीज हैं। उनका नियमित इलाज चलता है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इलाज की मांग की, लेकिन पुलिस ने चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद शुक्रवार को न्यायालय में उनकी बीमारी की स्थिति बताते हुए दवाएं जेल भेजने की अनुमति मांगी गई।
न्यायालय से जेल परिसर तक छावनी बना रहा रास्ता
सुबह न्यायालय पहुंचने से पहले ही पुलिसबल को सक्रिय कर न्यायालय परिसर और आसपास तैनात कर दिया गया था। वहीं, न्यायालय से जिला कारागार तक छावनी जैसा माहौल नजर आ रहा था। कड़ी सुरक्षा के बाद पूर्व विधायक को अदालत में पेश करने के बाद जिला कारागार ले जाया गया। इस बीच सपा के पूर्व विधायक अमित गौरव यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अशरफ हुसैन, विनोद यादव, पुष्पेंद्र यादव, सुनील यादव मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष पर कोतवाली नगर में 18 अप्रैल को गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें पूर्व विधायक को गैंग लीडर और पूर्व जिपंअ को गैंग का सक्रिय सदस्य बताया गया था। इसके बाद से दोनों भाई फरार चल रहे थे। अदालत ने 31 मई को उनके विरुद्ध धारा 82 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कुर्की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिए। ये नोटिस एटा, जैथरा और अलीगंज में दोनों सपा नेताओं के आवासों व प्रतिष्ठानों पर चस्पा कर दिए गए। इसके बाद पुलिस संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में थी। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम आगरा के सेक्टर 10 आवास विकास कॉलोनी थाना सिकंदरा से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें एटा ले आई। रात में उन्हें पुलिस अभिरक्षा में कोतवाली देहात में रखा गया। शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे उनको लेकर पुलिस गैंगस्टर एक्ट न्यायालय पहुंची। विशेष लोक अभियोजक रक्षपाल सिंह ने बताया कि न्यायाधीश विनोद कुमार के अवकाश पर होने की वजह से पूर्व विधायक को विशेष न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र में पेश किया गया। यहां न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
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गैंगचार्ट को फर्जी बता अधिवक्ताओं ने किया विरोध
पूर्व विधायक की पैरवी के लिए कई अधिवक्ताओं का समूह न्यायालय पहुंचा। उन्होंने पुलिस के गैंगचार्ट को फर्जी बताया। अधिवक्ता राकेश यादव ने कहा कि जो गैंगचार्ट बताया जा रहा है उसमें अधिकांश मुकदमे कई साल पुराने बताकर अब दर्ज किए जा रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से यह सब किया जा रहा है। पुलिस ने गिरफ्तारी भी फर्जी दिखाई है। इन सब बातों को लेकर पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया है।
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चिकित्सकीय सुविधा न दिलाने का आरोप
बृहस्पतिवार रात कोतवाली देहात में पूर्व विधायक से मिलने के बाद उनके अधिवक्ता उपेंद्र पाल ने बताया कि पूर्व विधायक रक्तचाप के मरीज हैं। उनका नियमित इलाज चलता है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने इलाज की मांग की, लेकिन पुलिस ने चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद शुक्रवार को न्यायालय में उनकी बीमारी की स्थिति बताते हुए दवाएं जेल भेजने की अनुमति मांगी गई।
न्यायालय से जेल परिसर तक छावनी बना रहा रास्ता
सुबह न्यायालय पहुंचने से पहले ही पुलिसबल को सक्रिय कर न्यायालय परिसर और आसपास तैनात कर दिया गया था। वहीं, न्यायालय से जिला कारागार तक छावनी जैसा माहौल नजर आ रहा था। कड़ी सुरक्षा के बाद पूर्व विधायक को अदालत में पेश करने के बाद जिला कारागार ले जाया गया। इस बीच सपा के पूर्व विधायक अमित गौरव यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अशरफ हुसैन, विनोद यादव, पुष्पेंद्र यादव, सुनील यादव मौजूद रहे।