{"_id":"637ba13a62c4ef4346296b1a","slug":"etah-security-money-of-suspended-driver-operator-seized-etah-news-agr5542091141","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटा: निलंबित चालक-परिचालक की प्रतिभूति धनराशि जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा: निलंबित चालक-परिचालक की प्रतिभूति धनराशि जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। रोडवेज बस के चालक-परिचालक ने एक दिन एटा डिपो की बस को गायब रखा था। जिसे शिकोहाबाद कोतवाली में पाया गया था। इन दोनों कर्मचारियों की संविदा समाप्त की जा चुकी है। दोनों के देयक और प्रतिभूति धनराशि को जब्त कर लिया गया है।
एटा डिपो की बस यहां से 18 नवंबर को शिकोहाबाद के लिए भेजी गई थी। इस पर संविदा चालक बंटू और संविदा परिचालक अर्जुन सिंह तैनात थे। लेकिन यहां से रवाना होने के बाद यह बस शिकोहाबाद बस स्टैंड नहीं पहुंची। तलाशने के बाद भी नहीं मिली। जबकि चालक-परिचालक के मोबाइल फोन बंद पाए गए।
एक दिन बाद बस शिकोहाबाद कोतवाली में मिली थी। एआरएम राजेश यादव ने बताया कि शिकोहाबाद जाने के बाद गायब रही रोडवेज बस के चालक और परिचालक की संविदा पहले ही समाप्त की जा चुकी है। इसके साथ ही दोनों के समस्त देयकों और प्रतिभूति धनराशि को जब्त कर लिया गया है। जो करीब 50 हजार रुपये बनती है।
विज्ञापन
यह था मामला
रोडवेज वर्कशॉप से 18 नवंबर को बस भेजी गई। निर्धारित समय पर वापस न आने पर खोजबीन की गई। करीब 24 घंटे बाद पता लग सका कि बस कोतवाली शिकोहाबाद में खड़ी है। चालक को भी पुलिस ने बैठाकर रखा था। उसने पुलिस को सूचना दी थी कि बस में तीन लड़के आए। कुछ सुंघाकर बेहोश करने के बाद दो बैटरी चोरी कर ले गए। यह बात पुलिस को हजम नहीं हुई।
विज्ञापन
एटा डिपो की बस यहां से 18 नवंबर को शिकोहाबाद के लिए भेजी गई थी। इस पर संविदा चालक बंटू और संविदा परिचालक अर्जुन सिंह तैनात थे। लेकिन यहां से रवाना होने के बाद यह बस शिकोहाबाद बस स्टैंड नहीं पहुंची। तलाशने के बाद भी नहीं मिली। जबकि चालक-परिचालक के मोबाइल फोन बंद पाए गए।
विज्ञापन
एक दिन बाद बस शिकोहाबाद कोतवाली में मिली थी। एआरएम राजेश यादव ने बताया कि शिकोहाबाद जाने के बाद गायब रही रोडवेज बस के चालक और परिचालक की संविदा पहले ही समाप्त की जा चुकी है। इसके साथ ही दोनों के समस्त देयकों और प्रतिभूति धनराशि को जब्त कर लिया गया है। जो करीब 50 हजार रुपये बनती है।
विज्ञापन
यह था मामला
रोडवेज वर्कशॉप से 18 नवंबर को बस भेजी गई। निर्धारित समय पर वापस न आने पर खोजबीन की गई। करीब 24 घंटे बाद पता लग सका कि बस कोतवाली शिकोहाबाद में खड़ी है। चालक को भी पुलिस ने बैठाकर रखा था। उसने पुलिस को सूचना दी थी कि बस में तीन लड़के आए। कुछ सुंघाकर बेहोश करने के बाद दो बैटरी चोरी कर ले गए। यह बात पुलिस को हजम नहीं हुई।