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एटा : बरसात ने बिगाड़े सत्तारपुर के हालात, 150 बीमार
सार
एक पखवाड़े पहले शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सत्तारपुर में बुखार फैला था।वहीं श्रेयस कुमार ने बताया कि घर में पांच सदस्य हैं, चार दिन से सभी लोग बीमार हैं।राकेश यादव ने बताया कि आठ दिन पहले बेटा बीमार हुआ।
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सत्तारपुर गांव में चारपाई पर लेटे मरीज। संवाद
- फोटो : ETAH
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विस्तार
एटा। एक पखवाड़े पहले शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सत्तारपुर में बुखार फैला था। पिछले सप्ताह तक स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ गई थी लेकिन इसके बाद हुई बारिश से गांव में जगह-जगह जलभराव हो गया और मच्छर पनप गए। जिससे हालात पहले से भी ज्यादा बिगड़ गए।
दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि करीब 150 लोग बीमार हैं। गंभीर बीमार 25 लोगों का इलाज अलीगढ़, आगरा आदि शहरों में कराया जा रहा है।
गांव के मुकेश ने बताया कि उनके परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से केवल उन्हें छोड़ अन्य सभी बीमार हैं। सरिता देवी, दीप्ति, नीतू, राधा, रुचि, कंचन और ब्रजेश को बुखार आ रहा है।
उन्होंने बताया कि गांव से अधिकांश लोग इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के पास जा रहे हैं। वहीं श्रेयस कुमार ने बताया कि घर में पांच सदस्य हैं, चार दिन से सभी लोग बीमार हैं। राकेश यादव ने बताया कि आठ दिन पहले बेटा बीमार हुआ। जिसे पहले सरकारी अस्पताल में ले गए। फायदा न होने पर एक निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
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प्रेमवती ने बताया कि घर में सुंदर, दीपांशु, रश्मि व पूजा की तबीयत खराब है। धुमरी से दवा ले रहे हैं। कुलदीप भी आठ दिन से बीमार हैं और एक निजी चिकित्सक की दवा ले रहे हैं। बताया कि गांव के कम से कम 150 लोग बीमार हैं। हर घर में चारपाई बिछ गई है। 25 से अधिक लोग ऐसे हैं, जिनकी हालत ज्यादा खराब होने से परिजन आगरा, अलीगढ़ आदि शहरों में ले गए हैं। उधर, गांव में सफाई के हालात अभी भी अच्छे नहीं हैं। कई जगह नालियों चोक हैं। वहीं कुछ गलियों में जलभराव के बाद कीचड़ की स्थिति है। इसकी वजह से मच्छर और संक्रामक रोग पनप रहे हैं।
गांव में पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें, 90 को दी दवा
गांव के दो लोगों की मौत और बुखार फैलने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें गांव में पहुंची। तीन टीमों को पूरे गांव में घर-घर सर्वे के लिए लगाया गया। जिन्होंने 313 घरों का सर्वे किया। वहीं दो टीमों ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया।
कुल मिलाकर 90 मरीज मिले, इनमें से 41 मरीज बुखार के थे। इन सभी की मलेरिया जांच कराई गई। जिन्हें दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था, उनकी डेंगू जांच भी कराई गई। किसी को भी डेंगू या मलेरिया नहीं निकला।
प्रभारी सीएमओ डॉ. ओपी आर्या और प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने भी निरीक्षण किया। बताया कि जो दो मौत हुई हैं, उनमें से एक में हृदयाघात के लक्षण बताए गए हैं। जबकि एक महिला की फेफड़ों की समस्या एक साल से बनी हुई थी। दोनों में से किसी की जांच रिपोर्ट नहीं मिली। गांव में मलेरिया या डेंगू नहीं है, वायरल संक्रमण से ही लोग बीमार हैं। इसकी वजह गांव में सफाई की कमी है।
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दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि करीब 150 लोग बीमार हैं। गंभीर बीमार 25 लोगों का इलाज अलीगढ़, आगरा आदि शहरों में कराया जा रहा है।
गांव के मुकेश ने बताया कि उनके परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से केवल उन्हें छोड़ अन्य सभी बीमार हैं। सरिता देवी, दीप्ति, नीतू, राधा, रुचि, कंचन और ब्रजेश को बुखार आ रहा है।
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उन्होंने बताया कि गांव से अधिकांश लोग इलाज के लिए निजी चिकित्सकों के पास जा रहे हैं। वहीं श्रेयस कुमार ने बताया कि घर में पांच सदस्य हैं, चार दिन से सभी लोग बीमार हैं। राकेश यादव ने बताया कि आठ दिन पहले बेटा बीमार हुआ। जिसे पहले सरकारी अस्पताल में ले गए। फायदा न होने पर एक निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
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प्रेमवती ने बताया कि घर में सुंदर, दीपांशु, रश्मि व पूजा की तबीयत खराब है। धुमरी से दवा ले रहे हैं। कुलदीप भी आठ दिन से बीमार हैं और एक निजी चिकित्सक की दवा ले रहे हैं। बताया कि गांव के कम से कम 150 लोग बीमार हैं। हर घर में चारपाई बिछ गई है। 25 से अधिक लोग ऐसे हैं, जिनकी हालत ज्यादा खराब होने से परिजन आगरा, अलीगढ़ आदि शहरों में ले गए हैं। उधर, गांव में सफाई के हालात अभी भी अच्छे नहीं हैं। कई जगह नालियों चोक हैं। वहीं कुछ गलियों में जलभराव के बाद कीचड़ की स्थिति है। इसकी वजह से मच्छर और संक्रामक रोग पनप रहे हैं।
गांव में पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें, 90 को दी दवा
गांव के दो लोगों की मौत और बुखार फैलने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें गांव में पहुंची। तीन टीमों को पूरे गांव में घर-घर सर्वे के लिए लगाया गया। जिन्होंने 313 घरों का सर्वे किया। वहीं दो टीमों ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण किया।
कुल मिलाकर 90 मरीज मिले, इनमें से 41 मरीज बुखार के थे। इन सभी की मलेरिया जांच कराई गई। जिन्हें दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था, उनकी डेंगू जांच भी कराई गई। किसी को भी डेंगू या मलेरिया नहीं निकला।
प्रभारी सीएमओ डॉ. ओपी आर्या और प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने भी निरीक्षण किया। बताया कि जो दो मौत हुई हैं, उनमें से एक में हृदयाघात के लक्षण बताए गए हैं। जबकि एक महिला की फेफड़ों की समस्या एक साल से बनी हुई थी। दोनों में से किसी की जांच रिपोर्ट नहीं मिली। गांव में मलेरिया या डेंगू नहीं है, वायरल संक्रमण से ही लोग बीमार हैं। इसकी वजह गांव में सफाई की कमी है।