{"_id":"645fdb92675524633a0e9d54","slug":"etah-news-kikay-election-marhara-etah-news-c-25-1-156893-2023-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: सत्ता की आंधी में भी मारहरा में महफूज रही सपा की कुर्सी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: सत्ता की आंधी में भी मारहरा में महफूज रही सपा की कुर्सी
विज्ञापन
मारहरा। समाजवादी पार्टी ने निकाय चुनाव में सातवीं बार जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। सत्ताधारी भाजपा की आंधी में भी सपा ने अध्यक्ष पद की कुर्सी महफूज रखी है। सपा प्रत्याशी शशिप्रभा ने भाजपा प्रत्याशी राजनश्री को पराजित कर दिया।
वहीद महमूद जुबैरी उर्फ़ परवेज जुबैरी ने सपा की जीत की शुरूआत 1988 में परवेज जुबैरी ने मारहरा के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति ओमप्रकाश शाह को पराजित करके की। इसके बाद अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया। वर्ष 1995 में उन्होंने सपा के बैनर तले शशिप्रभा को चुनाव मैदान में उतारा और विजयश्री हासिल की। वर्ष 2000 में भूदेव प्रसाद भारतीय को चुनाव लड़वाया और फिर सफलता मिली। वर्ष 2006 में भी उनकी बदौलत जग्गूमल प्रभाकर मारहरा नगर पालिकाध्यक्ष चुने गए।
वर्ष 2013 में जग्गूमल प्रभाकर की पत्नी गंगा देवी को हराने के लिए परवेज जुबैरी की बगावत में कस्बे की कुछ नामचीन हस्तियां मैदान में उतर आईं। इसके बावजूद जीत कायम रही। 2017 में परवेज जुबैरी स्वयं चुनाव मैदान में उतरे और एटा जिले में सबसे अधिक मतों से विजयी हुए। जिले में यह एकमात्र ऐसी नगर पालिका है जहां 7 बार से लगातार समाजवादी पार्टी की जीत का डंका बज रहा है। अब शशिप्रभा 28 वर्ष बाद दूसरी बार पालिकाध्यक्ष चुनी गई हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीद महमूद जुबैरी उर्फ़ परवेज जुबैरी ने सपा की जीत की शुरूआत 1988 में परवेज जुबैरी ने मारहरा के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति ओमप्रकाश शाह को पराजित करके की। इसके बाद अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया। वर्ष 1995 में उन्होंने सपा के बैनर तले शशिप्रभा को चुनाव मैदान में उतारा और विजयश्री हासिल की। वर्ष 2000 में भूदेव प्रसाद भारतीय को चुनाव लड़वाया और फिर सफलता मिली। वर्ष 2006 में भी उनकी बदौलत जग्गूमल प्रभाकर मारहरा नगर पालिकाध्यक्ष चुने गए।
विज्ञापन
वर्ष 2013 में जग्गूमल प्रभाकर की पत्नी गंगा देवी को हराने के लिए परवेज जुबैरी की बगावत में कस्बे की कुछ नामचीन हस्तियां मैदान में उतर आईं। इसके बावजूद जीत कायम रही। 2017 में परवेज जुबैरी स्वयं चुनाव मैदान में उतरे और एटा जिले में सबसे अधिक मतों से विजयी हुए। जिले में यह एकमात्र ऐसी नगर पालिका है जहां 7 बार से लगातार समाजवादी पार्टी की जीत का डंका बज रहा है। अब शशिप्रभा 28 वर्ष बाद दूसरी बार पालिकाध्यक्ष चुनी गई हैं। संवाद
विज्ञापन