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खास खबर: जवाहर तापीय संयंत्र पूरा, गांवों का विकास अधूरा
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जवाहरपुर तापीय परियोजना स्थल।
- फोटो : संवाद
एटा। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर कानपुर मार्ग पर मलावन के पास जवाहरपुर तापीय परियोजना का निर्माण किया है। निर्माण से पूर्व जब जमीन का अधिग्रहण हुआ और कार्य के अंतिम चरण में भी इस बात को दोहराया गया था कि परियोजना स्थल के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। संयंत्र का काम पूरा हो चुका है। लेकिन गांवों का विकास अधूरा है।तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार बाजपेई की अध्यक्षता में 1 नवंबर 2022 को परियोजना के अंतिम चरण के कार्य के दौरान बैठक हुई थी। उस समय आसपास के मलावन, बिरसिंहपुर, निगोह हसनपुर, बबरौती और अयार में विकास के लिए सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए। सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी) के माध्यम से इन गांव में अंत्येष्टि स्थल, पंचायत घर, पुस्तकालय, नाला निर्माण, गोशाला आदि का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव दिए गए। मगर, अभी तक किसी भी गांव में ये कार्य नहीं हो सके हैं।
33 करोड़ रुपये से होने हैं विकास कार्य
अधीक्षण अभियंता रोबिन दंडोतिया ने बताया कि सीएसआर के माध्यम से आसपास के 5 गांव में 25 करोड़ रुपये से विकास कार्य होने हैं। इसके अलावा 10 किमी के क्षेत्र में 8 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने की योजना बनी थी। इसमें से 32.20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास हो चुके हैं। बाकी 80 लाख रुपये के लिए कार्ययोजना मांगी गई है। कार्यों के पूर्ण होने की बात करें तो लगभग 20 करोड़ रुपये से अधिक के काम हो चुके हैं।
वहीं आसपास के गांव के लोगों का कहना है कि परियोजना स्थल से बिजली का उत्पादन पूरी क्षमता के साथ किया जा रहा है, जबकि आसपास के क्षेत्र में विकास कछुआ गति से कराया जा रहा है। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्रा ने बताया कि मलावन में काफी कार्य हो चुका है, शेष गांव में भी काम जल्द ही पूरा कराया जाएगा।
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5 गांव में 25 प्रतिशत भी नहीं हुए काम
सीएसआर के तहत परियोजना स्थल के आसपास के 5 गांव मलावन, बिरसिंहपुर, निगोह हसनपुर, बबरौती और अयार में विकास कार्य होने थे। यहां के लोगों को कहना है कि अभी तक बमुश्किल 25 प्रतिशत काम ही हो सके हैं। अयार निवासी मोहित ने बताया कि पता ही नहीं चलता कि काम सीएसआर की ओर से हो रहा है या पंचायतीराज विभाग की ओर से कराया जा रहा है। पानी का ओवरहेड टैंक जरूर बना है, इसके अलावा कोई खास विकास कार्य गांव में नहीं हुआ है। बिरसिंहपुर निवासी राकेश कुमार का कहना है कि गांव में जेटीपी की ओर से कोई विशेष कार्य नहीं कराया जा रहा है। जो पहले से चल रहे थे वही काम हो रहे हैं।
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33 करोड़ रुपये से होने हैं विकास कार्य
अधीक्षण अभियंता रोबिन दंडोतिया ने बताया कि सीएसआर के माध्यम से आसपास के 5 गांव में 25 करोड़ रुपये से विकास कार्य होने हैं। इसके अलावा 10 किमी के क्षेत्र में 8 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने की योजना बनी थी। इसमें से 32.20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास हो चुके हैं। बाकी 80 लाख रुपये के लिए कार्ययोजना मांगी गई है। कार्यों के पूर्ण होने की बात करें तो लगभग 20 करोड़ रुपये से अधिक के काम हो चुके हैं।
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वहीं आसपास के गांव के लोगों का कहना है कि परियोजना स्थल से बिजली का उत्पादन पूरी क्षमता के साथ किया जा रहा है, जबकि आसपास के क्षेत्र में विकास कछुआ गति से कराया जा रहा है। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्रा ने बताया कि मलावन में काफी कार्य हो चुका है, शेष गांव में भी काम जल्द ही पूरा कराया जाएगा।
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5 गांव में 25 प्रतिशत भी नहीं हुए काम
सीएसआर के तहत परियोजना स्थल के आसपास के 5 गांव मलावन, बिरसिंहपुर, निगोह हसनपुर, बबरौती और अयार में विकास कार्य होने थे। यहां के लोगों को कहना है कि अभी तक बमुश्किल 25 प्रतिशत काम ही हो सके हैं। अयार निवासी मोहित ने बताया कि पता ही नहीं चलता कि काम सीएसआर की ओर से हो रहा है या पंचायतीराज विभाग की ओर से कराया जा रहा है। पानी का ओवरहेड टैंक जरूर बना है, इसके अलावा कोई खास विकास कार्य गांव में नहीं हुआ है। बिरसिंहपुर निवासी राकेश कुमार का कहना है कि गांव में जेटीपी की ओर से कोई विशेष कार्य नहीं कराया जा रहा है। जो पहले से चल रहे थे वही काम हो रहे हैं।