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नजूल की जमीन पर अवैध निर्माण: फर्जी दस्तावेज से किया खेल, एडीए इंजीनियर और पटल प्रभारी पर निलंबन की तलवार
Thu, 01 Oct 2026 10:44 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:44 AM IST
सार
आगरा के गुड़ की मंडी क्षेत्र में सरकारी नजूल भूमि पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अवैध निर्माण के मामले में एडीए के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है। संयुक्त जांच में लापरवाही मिलने के बाद संबंधित इंजीनियर और मानचित्र पटल प्रभारी के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जा कर कूटरचित दस्तावेज की मदद से अवैध निर्माण करने के मामले में आगरा विकास प्राधिकरण ने लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं और मानचित्र पटल के कर्मचारियों के निलंबन की तैयारी कर ली है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर गठित एडीएम प्रोटोकॉल अमरेंद्र कुमार वर्मा और एडीए सचिव संजय कुमार की संयुक्त जांच कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाही और शिथिलता मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार संबंधित कर्मियों से जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए भी कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुट गया है।
सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में न सिर्फ सरकारी जमीन पर जानबूझकर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज की मदद से अवैध निर्माण किया गया है, बल्कि आवासीय निर्माण की मंजूरी लेकर व्यावसायिक इमारत खड़ी करने की गंभीर गड़बड़ी मिली है। ऐसे में इस इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। गुड़ की मंडी हनुमान गली स्थित सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेज की मदद से अवैध निर्माण करने के मामले में प्राधिकरण ने लोहा मंडी निवासी बिल्डर मालती शर्मा अहमदाबाद निवासी शर्मा विष्णु कुमार शिवलाल और शाहगंज निवासी इंजीनियर गोविंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कराया था।
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प्राधिकरण ने कहा- गोविंद इंजीनियर
शुरू में गोविंद सिंह को आर्किटेक्ट बताया जा रहा था। हालांकि बाद में प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह आर्किटेक्ट नहीं इंजीनियर है। साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट आगरा चैप्टर की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि इस नाम का कोई भी आर्किटेक्ट नहीं है। दूसरी ओर पुलिस इस मामले में तीनों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि आरोपियों ने कहां और कैसे कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल करने के दौरान किन सरकारी कर्मियों ने इस धोखाधड़ी में उनकी मदद की।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर गठित एडीएम प्रोटोकॉल अमरेंद्र कुमार वर्मा और एडीए सचिव संजय कुमार की संयुक्त जांच कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाही और शिथिलता मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार संबंधित कर्मियों से जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए भी कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुट गया है।
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सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में न सिर्फ सरकारी जमीन पर जानबूझकर कब्जा कर फर्जी दस्तावेज की मदद से अवैध निर्माण किया गया है, बल्कि आवासीय निर्माण की मंजूरी लेकर व्यावसायिक इमारत खड़ी करने की गंभीर गड़बड़ी मिली है। ऐसे में इस इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। गुड़ की मंडी हनुमान गली स्थित सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेज की मदद से अवैध निर्माण करने के मामले में प्राधिकरण ने लोहा मंडी निवासी बिल्डर मालती शर्मा अहमदाबाद निवासी शर्मा विष्णु कुमार शिवलाल और शाहगंज निवासी इंजीनियर गोविंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज कराया था।
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प्राधिकरण ने कहा- गोविंद इंजीनियर
शुरू में गोविंद सिंह को आर्किटेक्ट बताया जा रहा था। हालांकि बाद में प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह आर्किटेक्ट नहीं इंजीनियर है। साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट आगरा चैप्टर की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि इस नाम का कोई भी आर्किटेक्ट नहीं है। दूसरी ओर पुलिस इस मामले में तीनों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि आरोपियों ने कहां और कैसे कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनका इस्तेमाल करने के दौरान किन सरकारी कर्मियों ने इस धोखाधड़ी में उनकी मदद की।