{"_id":"638b8b2d3c33cc766e1c0d09","slug":"etah-medicines-worth-thousands-of-rupees-burnt-at-chc-etah-news-agr555594929","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटा: सीएचसी पर जलाई गईं हजारों रुपये की दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा: सीएचसी पर जलाई गईं हजारों रुपये की दवाएं
विज्ञापन
एटा। सीएचसी पर जली पडीं दवाएं। संवाद
- फोटो : ETAH
सकीट (एटा)। कस्बा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार की रात हजारों रुपये की दवाएं जला दी र्गइं। बताया जा रहा है कुछ दवाएं एक्सपायरी थीं। उच्चाधिकारियों के मामला संज्ञान में पहुंचा तो जांच के आदेश दिए गए हैं।
सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज को सुविधाएं मिलें, इसके प्रति केंद्र व प्रदेश की सरकार जोर दे रही है, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं को देने में लापरवाही सामने आ रही है। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक बाहर से दवा लिख देते हैं। जबकि अंदर रखीं दवा मरीजों को नहीं दी जाती हैं। ताजा मामला सीएचसी का है, जहां शुक्रवार की रात कूड़े में दवाएं जला दी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार धुआं उठने पर सीएचसी पहुंचे, जहां दवाएं जलती मिलीं।
बताया जा रहा है आयरन, कैल्शियम की गोलियों के साथ सिरप, ओआरएस घोल, स्वेप, टीबी कंटेनर के अलावा टीकाकरण की हजारों बुकलेट जलाई गई हैं। वहीं मामले में किसी ने उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी, अब जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव यादव का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन में साफ-सफाई का कार्य चल रहा था, जिसमें कुछ कैल्शियम लैक्टेट, आयरन, फॉलिक एसिड, सिरिंज आदि निकली थीं। वह दवाएं वर्ष 2017-18 की एक्सपायर थीं जिन्हें जलाया गया था।
विज्ञापन
सीएचसी पर दवाएं जलाने का मामला संज्ञान में आया है। बताया गया है कि पुरानी पीएचसी पर साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। वहां कुछ एक्सपायरी दवाएं निकली थीं। उनको सफाईकर्मी द्वारा जलाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
विज्ञापन
सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज को सुविधाएं मिलें, इसके प्रति केंद्र व प्रदेश की सरकार जोर दे रही है, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं को देने में लापरवाही सामने आ रही है। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक बाहर से दवा लिख देते हैं। जबकि अंदर रखीं दवा मरीजों को नहीं दी जाती हैं। ताजा मामला सीएचसी का है, जहां शुक्रवार की रात कूड़े में दवाएं जला दी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार धुआं उठने पर सीएचसी पहुंचे, जहां दवाएं जलती मिलीं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है आयरन, कैल्शियम की गोलियों के साथ सिरप, ओआरएस घोल, स्वेप, टीबी कंटेनर के अलावा टीकाकरण की हजारों बुकलेट जलाई गई हैं। वहीं मामले में किसी ने उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी, अब जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव यादव का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन में साफ-सफाई का कार्य चल रहा था, जिसमें कुछ कैल्शियम लैक्टेट, आयरन, फॉलिक एसिड, सिरिंज आदि निकली थीं। वह दवाएं वर्ष 2017-18 की एक्सपायर थीं जिन्हें जलाया गया था।
विज्ञापन
सीएचसी पर दवाएं जलाने का मामला संज्ञान में आया है। बताया गया है कि पुरानी पीएचसी पर साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। वहां कुछ एक्सपायरी दवाएं निकली थीं। उनको सफाईकर्मी द्वारा जलाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ