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एटा: गोशाल में दो दिन से भूखी रह रही गाय, हरा चारा न भूसा
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मलावन गोशाला में खड़ी गाय। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मलावन स्थित गोशाला में गोवंश की देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है। दो दिन से हरे चारे की बात तो दूर भूसा तक उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण गाय भूखी हैं, जबकि यहां पर पांच से अधिक कर्मचारी देखरेख में लगे हैं।
विकास खंड सकीट स्थित मलावन में बनी गोशाला की शनिवार को अमर उजाला टीम द्वारा पड़ताल की गई तो यहां पर शाम चार बजे तक हरा चारा गोवंश को मुहैया नहीं कराया गया। यहां पर करीब 320 गोवंश रहते हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच कर्मचारी लगाए गए हैं। वहीं सफाई के लिए तीन सफाई कर्मचारी अलग से तैनात हैं। उसके बाद भी गोवंश भूखे प्यासे घूमने को मजबूर हैं।
जब कर्मचारियों से पूछा गया तो बताया कि दो दिन से हरा चारा नहीं आया है। पहले जो बचा हुआ था वह खिला दिया है। वहीं भूख से व्याकुल गोवंश का हाल भी बेहाल था। एक गाय बीमार पड़ी थी। जबकि एक गाय लंपी बीमारी की शिकार थी और शरीर पर घाव हो गया था, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे।
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सोरों से आता है हरा चारा
गोवंश को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए एक संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। संस्था जिला कासगंज सोरों की है, करीब 40 किमी दूर संस्था होने की वजह से कभी भी समय पर हरा चारा गोशाला में नहीं पहुंचता है। संस्था मनमाने तरीके से गोवंश को हरा चारा मुहैया करा रही है।
कासगंज की एक संस्था को भूसा और हरा चारा मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। भूसा की जगह हरा चारा ही दिया जा रहा है। शनिवार को हरा चारा आने में देरी होने की बात कही गई है। संस्था की ओर से देरी की जा रही है, इसकी जांच की जाएगी।
- अनिल कुमार मित्तल, प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी
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विकास खंड सकीट स्थित मलावन में बनी गोशाला की शनिवार को अमर उजाला टीम द्वारा पड़ताल की गई तो यहां पर शाम चार बजे तक हरा चारा गोवंश को मुहैया नहीं कराया गया। यहां पर करीब 320 गोवंश रहते हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच कर्मचारी लगाए गए हैं। वहीं सफाई के लिए तीन सफाई कर्मचारी अलग से तैनात हैं। उसके बाद भी गोवंश भूखे प्यासे घूमने को मजबूर हैं।
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जब कर्मचारियों से पूछा गया तो बताया कि दो दिन से हरा चारा नहीं आया है। पहले जो बचा हुआ था वह खिला दिया है। वहीं भूख से व्याकुल गोवंश का हाल भी बेहाल था। एक गाय बीमार पड़ी थी। जबकि एक गाय लंपी बीमारी की शिकार थी और शरीर पर घाव हो गया था, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे।
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सोरों से आता है हरा चारा
गोवंश को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए एक संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। संस्था जिला कासगंज सोरों की है, करीब 40 किमी दूर संस्था होने की वजह से कभी भी समय पर हरा चारा गोशाला में नहीं पहुंचता है। संस्था मनमाने तरीके से गोवंश को हरा चारा मुहैया करा रही है।
कासगंज की एक संस्था को भूसा और हरा चारा मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। भूसा की जगह हरा चारा ही दिया जा रहा है। शनिवार को हरा चारा आने में देरी होने की बात कही गई है। संस्था की ओर से देरी की जा रही है, इसकी जांच की जाएगी।
- अनिल कुमार मित्तल, प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी