{"_id":"69653f9cdc2ea4ecbd04f5f0","slug":"electricity-theft-case-lasted-for-18-years-accused-acquitted-etah-news-c-163-1-sagr1016-144756-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: 18 साल चला बिजली चोरी का मुकदमा, आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: 18 साल चला बिजली चोरी का मुकदमा, आरोपी दोषमुक्त
Tue, 13 Jan 2026 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
एटा। बिजली चोरी का मुकदमा अदालत में करीब 18 साल तक चला लेकिन विद्युत निगम आरोपों को साबित नहीं कर सका। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट निशांत शैव्य की अदालत ने देवेंद्र सिंह निवासी नगरिया थाना पिलुआ को दोषमुक्त घोषित किया है।
थाना पिलुआ में प्रभारी अवर अभियंता रतीराम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें लिखा कि 10 दिसंबर 2007 को नगरिया मोड़ से गांव बरा जाने वाले मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान देवेंद्र सिंह को नलकूप के लिए स्वीकृत लाइन में केबल डालकर बिजली की चोरी करके आटा चक्का चलाते हुए पाया गया। पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से केवल रतीराम ने ही अदालत में गवाही दी। इनके अलावा और कोई गवाह न होना, मौके से जब्त की गई केबल, विद्युत मोटर, पिसाई रजिस्टर को पेश न किया जाना, बिजली चोरी के कोई फोटो-वीडियो न होना आदि को अदालत ने साक्ष्य का अभाव माना। आदेश में कहा है कि अभियोजन पक्ष आटा चक्की को अवैध रूप से चलाने के आरोप को साबित करने में असफल रहा है। संदेह का लाभ देते हुए देवेंद्र सिंह को आरोप से दोषमुक्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना पिलुआ में प्रभारी अवर अभियंता रतीराम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें लिखा कि 10 दिसंबर 2007 को नगरिया मोड़ से गांव बरा जाने वाले मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान देवेंद्र सिंह को नलकूप के लिए स्वीकृत लाइन में केबल डालकर बिजली की चोरी करके आटा चक्का चलाते हुए पाया गया। पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से केवल रतीराम ने ही अदालत में गवाही दी। इनके अलावा और कोई गवाह न होना, मौके से जब्त की गई केबल, विद्युत मोटर, पिसाई रजिस्टर को पेश न किया जाना, बिजली चोरी के कोई फोटो-वीडियो न होना आदि को अदालत ने साक्ष्य का अभाव माना। आदेश में कहा है कि अभियोजन पक्ष आटा चक्की को अवैध रूप से चलाने के आरोप को साबित करने में असफल रहा है। संदेह का लाभ देते हुए देवेंद्र सिंह को आरोप से दोषमुक्त किया गया है।
विज्ञापन