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बिल तो छोेड़िए ब्याज भी जमा नहीं कर रहे स्कूल
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एटा। 12 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल दबाए परिषदीय स्कूलों पर हर रोज 80 हजार का सरचार्ज लग रहा है। नेाटिस के बाद भी वर्षों पुराने बिलों का भुगतान नहीं हो रहा।
विद्युत बिल भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत एवं शिक्षा विभाग आमने-सामने हैं। वहीं 12 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली के बिल का भुगतान अधर में लटका है। सात वर्ष पूर्व हुए विद्युतीकरण के बाद से इनका भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में नियमित बिल के साथ ही हर माह 24 लाख रुपये से अधिक का सरचार्ज भी बढ़ रहा है। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार स्कूल के बिलों का भुगतान ग्राम पंचायतों को करना है। इसके लिए शासन से उन्हें बजट मिलता है।
जिले में 1927 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 1366 प्राथमिक एवं 561 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं।
परिषदीय स्कूलों के विद्युत बिलों का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाना है। इसके लिए शासन से विशेष ग्रांट मिलती है। इस संबंध में विभागीय आदेश भी जारी हो चुका है।
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मनोज कुमार गिरि, बीएसए
वर्षों बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। बकाया राजस्व बढ़कर 12 करोड़ से अधिक निकल गया है। नियमित बिलों के साथ विभाग को समय-समय पर नोटिस भी भेजे जा रहे हैं लेकिन भुगतान नहीं हो रहा। ऐसे में विद्युत उपभोग के अलावा 24 लाख रुपये प्रतिमाह का सरचार्ज भी बढ़ रहा है।
ेसंदीप कुमार, अधीक्षण अभियंता
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विद्युत बिल भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत एवं शिक्षा विभाग आमने-सामने हैं। वहीं 12 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली के बिल का भुगतान अधर में लटका है। सात वर्ष पूर्व हुए विद्युतीकरण के बाद से इनका भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में नियमित बिल के साथ ही हर माह 24 लाख रुपये से अधिक का सरचार्ज भी बढ़ रहा है। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार स्कूल के बिलों का भुगतान ग्राम पंचायतों को करना है। इसके लिए शासन से उन्हें बजट मिलता है।
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जिले में 1927 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 1366 प्राथमिक एवं 561 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं।
परिषदीय स्कूलों के विद्युत बिलों का भुगतान संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाना है। इसके लिए शासन से विशेष ग्रांट मिलती है। इस संबंध में विभागीय आदेश भी जारी हो चुका है।
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मनोज कुमार गिरि, बीएसए
वर्षों बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा। बकाया राजस्व बढ़कर 12 करोड़ से अधिक निकल गया है। नियमित बिलों के साथ विभाग को समय-समय पर नोटिस भी भेजे जा रहे हैं लेकिन भुगतान नहीं हो रहा। ऐसे में विद्युत उपभोग के अलावा 24 लाख रुपये प्रतिमाह का सरचार्ज भी बढ़ रहा है।
ेसंदीप कुमार, अधीक्षण अभियंता