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Etah News: कचरे की बजाय साफ हो गए कूड़ेदान
Tue, 28 Mar 2023 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 28 Mar 2023 11:59 PM IST
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एटा। करीब तीन साल पहले नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर शहर में कई जगह कूड़ेदान रखवाए। गीला और सूखा कूड़ा डालने के लिए अलग-अलग दो बॉक्स इसमें शामिल थे। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह गायब हो चुके हैं। दूसरे कूड़ेदान लगवाने की जहमत भी नहीं की गई। ऐसे में कूूड़ा सड़कों पर ही फेंका जा रहा है।
वर्ष 2020 में शहर को स्वच्छ बनाने का ख्याल नगर पालिका को आया। इस पर 250 डस्टबिन के सेट खरीदे गए। जिन पर करीब 6 लाख रुपये खर्च किए गए। हर सेट में नीले और हरे रंग के दो डिब्बे स्टैंड के साथ शामिल थे। जिनमें गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित किया जाना था। इन्हें शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगवा दिया गया। उद्देश्य था कि आम लोगों सहित ठेल-खोमचे वाले और दुकानदार आदि कूड़ा इन डस्टबिन में ही फेंके। जिससे सड़कें साफ-सुधरी रहीं।
लेकिन डस्टबिन लगवाने के साथ ही उखड़ना भी शुरू हो गए। साल भर के अंदर ही अधिकांश डस्टबिन गायब हो चुके थे, केवल लोहे के स्टैंड बचे थे। वर्तमान में स्टैंड भी देखने को नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों की मजबूरी है कि कूडा सड़क पर ही फेंका जाए।
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दृश्य 1: जीटी रोड पर रेलवे पुल से पहले भी डस्टबिन लगवाया गया था, जो अब नहीं है। कूड़ा यहां सड़क किनारे फेंका जा रहा है। इससे ढेर लग जाता है। जो यहां की खूबसूरती को धब्बा लगाता नजर आता है।
दृश्य 2: रेलवे रोड पर अरुणा नगर गेट के पास भी यही स्थिति है। यहां बड़े डस्टबिन के अभाव में लोग सड़क पर ही कूड़ा फेंक जाते हैं। जबकि आगे बढ़कर अरुणा नगर में सदर विधायक का आवास और कुछ सरकारी कार्यालय भी हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण में क्या होगी छाप
20 अप्रैल से स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टीम भेजी जाएगी। जो स्वच्छता संबंधी जांच-पड़ताल करेगी। ऐसे में डस्टबिन रहित शहर और सड़कों पर कूड़े के ढेर देख टीम पर क्या छाप रहेगी और सर्वेक्षण में इस तरह पालिका कितने अंक हासिल कर पाएगी? यह सवाल बड़ा है।
लोग बोले
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए पालिका कतई गंभीर नहीं है। पूरे-पूरे दिन कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहता है। - विकास कुमार, श्याम नगर
प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन होने चाहिए। जिससे आसपास के लोगों को इनमें कूड़ा डालने की सुविधा मिल सके। - आशीष कुमार, रेलवे रोड
शहर में स्वच्छता को लेकर कई स्तर पर काम किया जा रहा है। जिन सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन नहीं हैं, जल्द लगवाए जाएंगे। - एसके गौतम, ईओ
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वर्ष 2020 में शहर को स्वच्छ बनाने का ख्याल नगर पालिका को आया। इस पर 250 डस्टबिन के सेट खरीदे गए। जिन पर करीब 6 लाख रुपये खर्च किए गए। हर सेट में नीले और हरे रंग के दो डिब्बे स्टैंड के साथ शामिल थे। जिनमें गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित किया जाना था। इन्हें शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगवा दिया गया। उद्देश्य था कि आम लोगों सहित ठेल-खोमचे वाले और दुकानदार आदि कूड़ा इन डस्टबिन में ही फेंके। जिससे सड़कें साफ-सुधरी रहीं।
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लेकिन डस्टबिन लगवाने के साथ ही उखड़ना भी शुरू हो गए। साल भर के अंदर ही अधिकांश डस्टबिन गायब हो चुके थे, केवल लोहे के स्टैंड बचे थे। वर्तमान में स्टैंड भी देखने को नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों की मजबूरी है कि कूडा सड़क पर ही फेंका जाए।
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दृश्य 1: जीटी रोड पर रेलवे पुल से पहले भी डस्टबिन लगवाया गया था, जो अब नहीं है। कूड़ा यहां सड़क किनारे फेंका जा रहा है। इससे ढेर लग जाता है। जो यहां की खूबसूरती को धब्बा लगाता नजर आता है।
दृश्य 2: रेलवे रोड पर अरुणा नगर गेट के पास भी यही स्थिति है। यहां बड़े डस्टबिन के अभाव में लोग सड़क पर ही कूड़ा फेंक जाते हैं। जबकि आगे बढ़कर अरुणा नगर में सदर विधायक का आवास और कुछ सरकारी कार्यालय भी हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण में क्या होगी छाप
20 अप्रैल से स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टीम भेजी जाएगी। जो स्वच्छता संबंधी जांच-पड़ताल करेगी। ऐसे में डस्टबिन रहित शहर और सड़कों पर कूड़े के ढेर देख टीम पर क्या छाप रहेगी और सर्वेक्षण में इस तरह पालिका कितने अंक हासिल कर पाएगी? यह सवाल बड़ा है।
लोग बोले
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए पालिका कतई गंभीर नहीं है। पूरे-पूरे दिन कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहता है। - विकास कुमार, श्याम नगर
प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन होने चाहिए। जिससे आसपास के लोगों को इनमें कूड़ा डालने की सुविधा मिल सके। - आशीष कुमार, रेलवे रोड
शहर में स्वच्छता को लेकर कई स्तर पर काम किया जा रहा है। जिन सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन नहीं हैं, जल्द लगवाए जाएंगे। - एसके गौतम, ईओ