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दोहरे हत्याकांड के विरोध में अधिवक्ताओं ने निकाला शांति मार्च
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 20 Feb 2016 10:22 PM IST
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शांतापुरी कालोनी में हुए दोहरे हत्याकांड के विरोध में तथा आरोपियों की गिफ्तारी की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने शांति मार्च निकाला। अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मिले। अधिवक्ताओं ने शेष हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही इस मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच कराए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को कार्रवाई का भरोसा दिया।
कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र साहू के नेतृत्व में न्यायालय परिसर से शांति मार्च निकाला गया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के संबंध में हाथों में पट्टियां ले रखी थी। अधिवक्ताओं ने कहा कि दोहरे हत्याकांड के मामले में कासगंज पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। अपराधियों के पुलिस से संबंध हैं। इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। जो हत्यारोपी शेष रह गए हैं उनकी भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाए।
इस दौरान सचिव महीपाल सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह बैस, मुस्तफा कामिल, जयकुमार सक्सेना, दिनेश कुमार जौहरी, गिरजाशंकर दुवे, अभिषेक गुप्ता, अरुण माहेश्वरी, इजराइल कुरैशी, जयनरायण राजपूत, योगेश शर्मा, श्यामेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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वहीं रालोद की बैठक में शांतापुरी में दोहरे हत्याकांड की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष शमीम अहमद अल्वी ने कहा कि पिछले काफी दिनों से शांतापुरी में गोलीबारी की घटना आरोपियों द्वारा की जा रही थी, पुलिस ने शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती और लोगों की जान नहीं जाती। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
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कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र साहू के नेतृत्व में न्यायालय परिसर से शांति मार्च निकाला गया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के संबंध में हाथों में पट्टियां ले रखी थी। अधिवक्ताओं ने कहा कि दोहरे हत्याकांड के मामले में कासगंज पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। अपराधियों के पुलिस से संबंध हैं। इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। जो हत्यारोपी शेष रह गए हैं उनकी भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाए।
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इस दौरान सचिव महीपाल सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह बैस, मुस्तफा कामिल, जयकुमार सक्सेना, दिनेश कुमार जौहरी, गिरजाशंकर दुवे, अभिषेक गुप्ता, अरुण माहेश्वरी, इजराइल कुरैशी, जयनरायण राजपूत, योगेश शर्मा, श्यामेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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वहीं रालोद की बैठक में शांतापुरी में दोहरे हत्याकांड की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष शमीम अहमद अल्वी ने कहा कि पिछले काफी दिनों से शांतापुरी में गोलीबारी की घटना आरोपियों द्वारा की जा रही थी, पुलिस ने शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती और लोगों की जान नहीं जाती। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।