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डीएम सीडीओ के गोद लिए गांव विकास से दूर
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:32 PM IST
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डीएम निधि केसरवानी, सीडीओ साहब सिंह ने जिन कुपोषण प्रभावित गांवों को गोद
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ले रखा है, उन गांवों में ही पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की लापरवाही से
विकास कार्य नहीं हुए हैं। इस लापरवाही के विरोध में डीपीआरओ सुनील कुमार
पांडेय ने गांव जावड़ा, पिलुआ और विकास खंड शीतलपुर के गांव असरौली के खाते
सीज कर दिए हैं।
डीपीआरओ ने बताया कि उक्त गांवों का निरीक्षण किया गया। इसमें विकास कार्यों में लापरवाही सामने आई। संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायती राज विभाग द्वारा 20-20 शौचालय दिए थे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद इनका निर्माण नहीं कराया गया। उक्त गांव में पंचायत से संबंधित अभिलेख भी पूरे नहीं हैं। अब तक जितने भी विकास कार्य कराए हैं, उनमें भारी अनियमितताएं हैं। इसके चलते उक्त गांवों में पंचायत के विकास संबंधित सभी खाते बंद कर दिए हैं। डीएम-सीडीओ द्वारा गांव गोद लेने के बाद उक्त दोनों गांव में अधिकारियों का जमावड़ा रहता है। धन होने के बाद भी विकास कार्य न कराए जाने को पंचायती राज विभाग इसे पंचायतों की लापरवाही मान रहा है।
डीपीआरओ ने बताया कि उक्त गांवों का निरीक्षण किया गया। इसमें विकास कार्यों में लापरवाही सामने आई। संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायती राज विभाग द्वारा 20-20 शौचालय दिए थे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद इनका निर्माण नहीं कराया गया। उक्त गांव में पंचायत से संबंधित अभिलेख भी पूरे नहीं हैं। अब तक जितने भी विकास कार्य कराए हैं, उनमें भारी अनियमितताएं हैं। इसके चलते उक्त गांवों में पंचायत के विकास संबंधित सभी खाते बंद कर दिए हैं। डीएम-सीडीओ द्वारा गांव गोद लेने के बाद उक्त दोनों गांव में अधिकारियों का जमावड़ा रहता है। धन होने के बाद भी विकास कार्य न कराए जाने को पंचायती राज विभाग इसे पंचायतों की लापरवाही मान रहा है।