{"_id":"101f51f132fa4ff97c75c73479e93260","slug":"devotees-arrived-in-large-numbers-in-the-holocaust-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्ण आहुति में बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्ण आहुति में बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार के 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का समापन पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर विकारों को त्यागने के संकल्प के साथ हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी। देर शाम तक आहुतियां देने को भक्त पहुंचे।
मुख्य यजमान डा. सुरेंद्र गुप्ता, रमन किशोर पल्तानी ने गायत्री मां के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भक्तों ने हवन में आहुतियां दी और विकारों को त्यागने का संकल्प लिया। मुख्य वक्ता लाल रूप शर्मा ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के अलावा माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह बाल उम्र से ही उनमें संस्कार दें। बच्चों के सामने ऐसा व्यवहार न करे, जो स्वयं पसंद न हो। वक्ता त्रिलोचन, गोग प्रसाद ने बच्चों को सफलता के गुरुमंत्र बताते हुए कहा कि निरंतर प्रयास करने वाले की सफलता निश्चित है। आचार्य उमेश ने भी पूजा अनुष्ठान कार्यक्रम संपन्न कराए। देर शाम तक पंडाल व आसपास का वातावरण गायत्री मंत्र के जयकारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम के दौरान डा. अमित गुप्ता, डा. कंचन गुप्ता, डा. श्वेता गुप्ता, संजीव अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, प्रमोद गुप्ता, शुकांत आर्य, राजीव गुप्ता, विनोद माहेश्वरी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, विनोद जैन, नरेंद्र केला, आशा साहू, नीलम राठी, सरिता साहू, विजय सक्सेना, महेंद्र राना आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर गायत्री पीठ हरिद्वार से आए आचार्यों को विदाई दी गई।
विज्ञापन
मुख्य यजमान डा. सुरेंद्र गुप्ता, रमन किशोर पल्तानी ने गायत्री मां के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भक्तों ने हवन में आहुतियां दी और विकारों को त्यागने का संकल्प लिया। मुख्य वक्ता लाल रूप शर्मा ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के अलावा माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह बाल उम्र से ही उनमें संस्कार दें। बच्चों के सामने ऐसा व्यवहार न करे, जो स्वयं पसंद न हो। वक्ता त्रिलोचन, गोग प्रसाद ने बच्चों को सफलता के गुरुमंत्र बताते हुए कहा कि निरंतर प्रयास करने वाले की सफलता निश्चित है। आचार्य उमेश ने भी पूजा अनुष्ठान कार्यक्रम संपन्न कराए। देर शाम तक पंडाल व आसपास का वातावरण गायत्री मंत्र के जयकारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम के दौरान डा. अमित गुप्ता, डा. कंचन गुप्ता, डा. श्वेता गुप्ता, संजीव अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, प्रमोद गुप्ता, शुकांत आर्य, राजीव गुप्ता, विनोद माहेश्वरी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, विनोद जैन, नरेंद्र केला, आशा साहू, नीलम राठी, सरिता साहू, विजय सक्सेना, महेंद्र राना आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर गायत्री पीठ हरिद्वार से आए आचार्यों को विदाई दी गई।
विज्ञापन