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Etah News: फाइलों में विभागीय जांच, दफ्तर में जलवा बरकरार
Sat, 13 Jul 2024 10:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 13 Jul 2024 10:58 PM IST
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एटा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग भ्रष्टाचार से घिरा नजर आ रहा है। वसूली के वीडियो वायरल होने पर प्रधान सहायक और मुख्य सेविका पर रिपोर्ट हुई। कार्रवाई के लिए विभागीय जांच बैठा दी गईं। एक मामले में 5 महीने तो दूसरे मामले में 1 साल बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। इधर विभाग के दफ्तर में इनका जलवा बरकरार है।
हाल में बाल विकास परियोजना कार्यालय जैथरा के ब्लॉक कोर्डिनेटर का वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से आधार सत्यापन के लिए 300 रुपये वसूलते नजर आ रहा था। मामला उछला तो विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। उसके विरुद्ध न सिर्फ जैथरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। बल्कि तुरंत ही उसकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी कर दी गई। दरअसल, यह एक आउटसोर्सिंग कंपनी का ठेका कर्मचारी था। इससे पहले भी विभाग के दो कर्मचारी इसी तरह की रिश्वतखोरी में कैमरे पर पकड़े जा चुके हैं।
प्रधान सहायक विकास चंद्र का एक वीडियो पिछले साल वायरल हुआ था। इसमें उनके विरुद्ध थाना सकीट में 9 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। साथ ही उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच शुरू करा दी गई। जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी। भ्रष्टाचार के लिए दंड देना तो दूर, इनको वर्तमान में कार्यालय के महत्वपूर्ण पटल स्थापना का चार्ज दे दिया गया है। इसका रौब पूरे विभाग में होता है। वहीं मुख्य सेविका और अलीगंज की प्रभारी सीडीपीओ सुखरानी का भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल होने पर उनके विरुद्ध 8 फरवरी 2024 को अलीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्हें भी मुख्यालय से संबद्ध कर जांच बैठाई गई। यह जांच भी आज तक पूरी नहीं हो सकी है। भ्रष्टाचार के मामले पर विभाग के दोहरे मानदंड को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
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प्रधान सहायक विकास चंद्र के मामले में इटावा के डीपीओ जांच कर रहे हैं। मुख्य सेविका सुखरानी की जांच समिति द्वारा की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, काम तो लेना ही है। - संजय सिंह, डीपीओ
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हाल में बाल विकास परियोजना कार्यालय जैथरा के ब्लॉक कोर्डिनेटर का वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से आधार सत्यापन के लिए 300 रुपये वसूलते नजर आ रहा था। मामला उछला तो विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। उसके विरुद्ध न सिर्फ जैथरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। बल्कि तुरंत ही उसकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी कर दी गई। दरअसल, यह एक आउटसोर्सिंग कंपनी का ठेका कर्मचारी था। इससे पहले भी विभाग के दो कर्मचारी इसी तरह की रिश्वतखोरी में कैमरे पर पकड़े जा चुके हैं।
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प्रधान सहायक विकास चंद्र का एक वीडियो पिछले साल वायरल हुआ था। इसमें उनके विरुद्ध थाना सकीट में 9 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। साथ ही उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच शुरू करा दी गई। जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी। भ्रष्टाचार के लिए दंड देना तो दूर, इनको वर्तमान में कार्यालय के महत्वपूर्ण पटल स्थापना का चार्ज दे दिया गया है। इसका रौब पूरे विभाग में होता है। वहीं मुख्य सेविका और अलीगंज की प्रभारी सीडीपीओ सुखरानी का भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल होने पर उनके विरुद्ध 8 फरवरी 2024 को अलीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्हें भी मुख्यालय से संबद्ध कर जांच बैठाई गई। यह जांच भी आज तक पूरी नहीं हो सकी है। भ्रष्टाचार के मामले पर विभाग के दोहरे मानदंड को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
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प्रधान सहायक विकास चंद्र के मामले में इटावा के डीपीओ जांच कर रहे हैं। मुख्य सेविका सुखरानी की जांच समिति द्वारा की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होगी, काम तो लेना ही है। - संजय सिंह, डीपीओ