{"_id":"6335df7248582f770d1149f9","slug":"dengue-confirmed-in-asha-worker-etah-news-agr5485787153","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा कार्यकर्ता में डेंगू की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा कार्यकर्ता में डेंगू की पुष्टि
सार
डेंगू का डंक लोगों पर हमलावर होता जा रहा है, इसकी वजह से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।वहीं डेंगू पीड़िता को सरकारी अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।अधूरी तैयारियों के साथ डेंगू से जंग लड़ने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विस्तार
एटा। डेंगू का डंक लोगों पर हमलावर होता जा रहा है, इसकी वजह से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। एक आशा कार्यकर्ता एलाइजा जांच में संक्रमित मिली है। जिसके बाद बृहस्पतिवार को उसके गांव में स्वास्थ्य टीम पहुंची। अन्य लोगों की जांचें की गईं। वहीं डेंगू पीड़िता को सरकारी अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर निवासी आशा कार्यकर्ता प्रेमशीला ने दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज में दिखाया था। यहां डेंगू के लक्षण होने पर जांच लिखी गई, पैथोलॉजी लैब में कराई गई एलाइजा जांच में बुधवार की देरशाम डेंगू की पुष्टि हुई है। आशा कार्यकर्ता को बागवाला स्थित सीएचसी पर डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा गया। आशा कार्यकर्ता के पांच परिजन सहित आसपास के घरों के लोगों के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। जबकि गांव में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों को ओपीडी करके उपचार दिया गया।
गांव नगला बरी निवासी चंद्रवीर (40) ने एक निजी चिकित्सक के पास इलाज कराया। यहां कराई गई जांच में एनएस-1 पॉजिटिव आने पर परिजनों ने बुधवार को उसे मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती करा दिया, लेकिन यहां मरीज को मच्छरदानी तक नहीं दी गई।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज स्थित एमसीएच विंग की तृतीय तल पर डेंगू वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में 10 बेड डाले गए हैं, लेकिन किसी भी बेड पर चादर नहीं है। बचाव के लिए मच्छरदानी का भी इंतजाम नहीं है। वहीं वार्ड में आ रही दुर्गंध के चलते मरीजों, तीमारदारों का यहां रुकना मुश्किल हो रहा है। अधूरी तैयारियों के साथ डेंगू से जंग लड़ने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर निवासी आशा कार्यकर्ता प्रेमशीला ने दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज में दिखाया था। यहां डेंगू के लक्षण होने पर जांच लिखी गई, पैथोलॉजी लैब में कराई गई एलाइजा जांच में बुधवार की देरशाम डेंगू की पुष्टि हुई है। आशा कार्यकर्ता को बागवाला स्थित सीएचसी पर डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजा गया। आशा कार्यकर्ता के पांच परिजन सहित आसपास के घरों के लोगों के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। जबकि गांव में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों को ओपीडी करके उपचार दिया गया।
विज्ञापन
गांव नगला बरी निवासी चंद्रवीर (40) ने एक निजी चिकित्सक के पास इलाज कराया। यहां कराई गई जांच में एनएस-1 पॉजिटिव आने पर परिजनों ने बुधवार को उसे मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती करा दिया, लेकिन यहां मरीज को मच्छरदानी तक नहीं दी गई।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज स्थित एमसीएच विंग की तृतीय तल पर डेंगू वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में 10 बेड डाले गए हैं, लेकिन किसी भी बेड पर चादर नहीं है। बचाव के लिए मच्छरदानी का भी इंतजाम नहीं है। वहीं वार्ड में आ रही दुर्गंध के चलते मरीजों, तीमारदारों का यहां रुकना मुश्किल हो रहा है। अधूरी तैयारियों के साथ डेंगू से जंग लड़ने की बात कही जा रही है।