{"_id":"209c70d5c57ec39e478e6f342138d5a0","slug":"danteras-preparation-start-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" घरों-प्रतिष्ठानों में तैयारियां शुरू, पंचोत्सव की शुरूआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों-प्रतिष्ठानों में तैयारियां शुरू, पंचोत्सव की शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2015 06:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में धनतेरस का पर्व सोमवार को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। शहर में इसकी आहट रविवार को देखने को मिली। आभूषण विक्रेताओं से लेकर बर्तन विक्रेताओं, बाइक और कार एजेंसियों पर व्यापारी विशेष तैयारियां करते दिखाई दिए। रविवार को व्यापारियों का दिन बिक्री की तैयारियों में ही गुजरा है। महिलाओं का पूरा दिन घर की साफ-सफाई में गुजरा।
मान्यता के अनुसार लोग धनतेरस पर्व पर खरीददारी करना शुभ मानते हैं। इस पर्व में नए बर्तन या सोना चांदी खरीदने की परंपरा है। विशेषकर पीतल के बर्तन खरीदना लोग बहुत शुभ मानते हैं। इसके अलावा आज के दिन लोग बाइक, कार भी खरीदना शुभ मानते हैं। इसके चलते शहर में सोमवार को बाइक, कार, आभूषण और बर्तनों की दुकानें सजती रही।
ज्योतिषाचार्य नेत्रपाल शर्मा के अनुसार धनतेरस का पर्व सुख-समृद्धि यश और वैभव का पर्व माना जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देव धन्वतंरि की पूजा का महत्व है। उन्होंने बताया कि स्कंदपुराण के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को प्रदोष काल में घर के दरवाजे पर यमराज के लिए दीप देने से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
धनतेरस पूजा मुहूर्त
शाम 06:04 से 07:06 तक
प्रदोष काल में दीपदान पूजा मुहूर्त
शाम 5:38 से 8:10 तक
विज्ञापन
मान्यता के अनुसार लोग धनतेरस पर्व पर खरीददारी करना शुभ मानते हैं। इस पर्व में नए बर्तन या सोना चांदी खरीदने की परंपरा है। विशेषकर पीतल के बर्तन खरीदना लोग बहुत शुभ मानते हैं। इसके अलावा आज के दिन लोग बाइक, कार भी खरीदना शुभ मानते हैं। इसके चलते शहर में सोमवार को बाइक, कार, आभूषण और बर्तनों की दुकानें सजती रही।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य नेत्रपाल शर्मा के अनुसार धनतेरस का पर्व सुख-समृद्धि यश और वैभव का पर्व माना जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देव धन्वतंरि की पूजा का महत्व है। उन्होंने बताया कि स्कंदपुराण के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को प्रदोष काल में घर के दरवाजे पर यमराज के लिए दीप देने से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
धनतेरस पूजा मुहूर्त
शाम 06:04 से 07:06 तक
प्रदोष काल में दीपदान पूजा मुहूर्त
शाम 5:38 से 8:10 तक