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शराब के ठेके पर तोड़फोड़ और आगजनी
amar ujala
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:11 AM IST
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शराब की दुकान के विरोध में तोड़फोड़
- फोटो : amar ujala
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देशी शराब की दुकान को हटवाने के लिए मंगलवार को महिलाओं ने लाठी डंडे लेकर ठेका पर धावा बोल दिया। ठेका के अंदर तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। दो घंटे तक हंगामा चला। पुलिस अधिकारियों, पुलिस व महिला पुलिस को महिलाओं को शांत कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ठेका कर्मी भी आक्रोश के हालात देखकर भाग गए।
सिटी मोहल्ला में देशी शराब का ठेका एक ओर स्थित है, वहीं दूसरी ओर पुराना मंदिर भी है। आक्रोशित महिलाओं का कहना था की हाईवे व अन्य स्थानों से शराब के ठेके बंद कर दिए गए, लेकिन मंदिर पास में होने के बावजूद यह ठेका क्यों नहीं हटाया गया। पूर्वाह्न के समय महिलाएं घर से निकली। और उन्होंने सीधे ठेका पर धावा बोल दिया। पहले कम संख्या में महिलाएं ठेका के अंदर घुसी तो ठेका में मौजूद कर्मियों ने उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी देर में वहां महिलाओं की संख्या बढ़ गई। यह देख ठेका कर्मी भाग गए। इस बीच किसी ने कपड़े का पलीता बना कर शराब के कार्टून पर फेंक दिया जिससे कार्टून में आग लग गई। आग लगाने के बाद लोगों ने ठेके पर पत्थरबाजी कर दी, वहां खड़ी बाइक भी तोड़ दी। बताया गया कि कुछ लोग शराब की बोतलें भी उठा ले गए। मामले की सूचना पर पुलिस और दमकल भी पहुंच गई। दमकल ने तुरंत ही आग बुझा दी। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित महिलाओं से वार्ता की। महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि ठेका नहीं हटा तो महिलाएं घर वापस नहीं लौटेंगी। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ठेका हटाने के संबंध में आश्वासन दिया। इस पर महिलाएं शांत होकर लौट गई। मामला शांत होने पर ठेके से शराब की बोतलें हटवा दी गईं और वहां ताला लटक गया। इस मामले में किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र यादव एवं सीओ शैलेंद्र लाल ने बताया कि स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण हो गया है। आक्रोशित महिलाओं को समझाबुझा कर शांत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि आग से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि आग को तुरंत ही बुझा लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस पिकेट तैयार कर दी गई है।
हमारे बच्चे हो रहे बर्बाद
कासगंज। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि शराब के ठेके से उनके घर तबाह हो रहे थे। पहले तो घर के आदमी ही शराब पीते थे, लेकिन अब बच्चे भी शराब की लत का शिकार होने लगे। एक महिला ने बताया कि बच्चे 10-10 रुपये एकत्रित करके शराब ले लेते थे और पीते थे। महिला ने कहा कि पूरा मोहल्ला शराब की लत का शिकार हो चुका है।
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सिटी मोहल्ला में देशी शराब का ठेका एक ओर स्थित है, वहीं दूसरी ओर पुराना मंदिर भी है। आक्रोशित महिलाओं का कहना था की हाईवे व अन्य स्थानों से शराब के ठेके बंद कर दिए गए, लेकिन मंदिर पास में होने के बावजूद यह ठेका क्यों नहीं हटाया गया। पूर्वाह्न के समय महिलाएं घर से निकली। और उन्होंने सीधे ठेका पर धावा बोल दिया। पहले कम संख्या में महिलाएं ठेका के अंदर घुसी तो ठेका में मौजूद कर्मियों ने उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी देर में वहां महिलाओं की संख्या बढ़ गई। यह देख ठेका कर्मी भाग गए। इस बीच किसी ने कपड़े का पलीता बना कर शराब के कार्टून पर फेंक दिया जिससे कार्टून में आग लग गई। आग लगाने के बाद लोगों ने ठेके पर पत्थरबाजी कर दी, वहां खड़ी बाइक भी तोड़ दी। बताया गया कि कुछ लोग शराब की बोतलें भी उठा ले गए। मामले की सूचना पर पुलिस और दमकल भी पहुंच गई। दमकल ने तुरंत ही आग बुझा दी। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित महिलाओं से वार्ता की। महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि ठेका नहीं हटा तो महिलाएं घर वापस नहीं लौटेंगी। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ठेका हटाने के संबंध में आश्वासन दिया। इस पर महिलाएं शांत होकर लौट गई। मामला शांत होने पर ठेके से शराब की बोतलें हटवा दी गईं और वहां ताला लटक गया। इस मामले में किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र यादव एवं सीओ शैलेंद्र लाल ने बताया कि स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण हो गया है। आक्रोशित महिलाओं को समझाबुझा कर शांत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि आग से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि आग को तुरंत ही बुझा लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस पिकेट तैयार कर दी गई है।
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हमारे बच्चे हो रहे बर्बाद
कासगंज। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि शराब के ठेके से उनके घर तबाह हो रहे थे। पहले तो घर के आदमी ही शराब पीते थे, लेकिन अब बच्चे भी शराब की लत का शिकार होने लगे। एक महिला ने बताया कि बच्चे 10-10 रुपये एकत्रित करके शराब ले लेते थे और पीते थे। महिला ने कहा कि पूरा मोहल्ला शराब की लत का शिकार हो चुका है।
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