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प्राइवेट अस्पताल के बाहर मिला युवक का शव
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:40 PM IST
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गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हाईवे-91 के किनारे स्थित जैन हास्पिटल में पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे युवक का शव अस्पताल के बाहर नाले में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए हाईवे जाम करने की कोशिश की, लेकिन समय रहते पुलिस ने मामला शांत कराते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि अस्पताल प्रशासन उपचार नहीं करने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहा है।
कासगंज जिले के सहावर निवासी इखलाक (20) ने पेट में दर्द होने पर पिता अश्फाक को फोन पर सूचना दी और स्वयं जैन हास्पिटल में उपचार कराने पहुंच गया। परिवारीजनों का आरोप है कि जब तब वह अस्पताल पहुंचे तब तक उनके बेटे की मौत हो चुकी थी और कर्मचारियों ने शव अस्पताल से बाहर निकाल कर नाले में फेंक दिया था। अश्फाक की माने तो बेटे की जेब से जैन हास्पिटल की पर्ची मिली है। उनका कहना है कि कंपाउंडर द्वारा डॉक्टर के देखे बिना गलत इंजेक्शन लगने से मौत हुई है। युवक की मौत से गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पुलिस और पीएसी बल के पहुंचने से मामला शांत हो गया। परिवारीजनों ने चिकित्सक, कंपाउंडर और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
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अस्पताल प्रशासन की सुनिए
डाक्टर मुकेश जैन का कहना है कि युवक अस्पताल में उपचार कराने आया था, लेकिन जब तक इंजेक्शन मंगाया गया अचानक युवक को ऐठन हुई और उसकी मौत हो गई। शव अस्पताल के बाहर रख परिवारीजनों को मृतक के फोन से सूचना दी गई है। कंपाउंडर ने इंजेक्शन नहीं लगाया है। परिवार शव का पोस्टमार्टम कराए, सब कुछ साफ हो जाएगा।
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कासगंज जिले के सहावर निवासी इखलाक (20) ने पेट में दर्द होने पर पिता अश्फाक को फोन पर सूचना दी और स्वयं जैन हास्पिटल में उपचार कराने पहुंच गया। परिवारीजनों का आरोप है कि जब तब वह अस्पताल पहुंचे तब तक उनके बेटे की मौत हो चुकी थी और कर्मचारियों ने शव अस्पताल से बाहर निकाल कर नाले में फेंक दिया था। अश्फाक की माने तो बेटे की जेब से जैन हास्पिटल की पर्ची मिली है। उनका कहना है कि कंपाउंडर द्वारा डॉक्टर के देखे बिना गलत इंजेक्शन लगने से मौत हुई है। युवक की मौत से गुस्साए परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पुलिस और पीएसी बल के पहुंचने से मामला शांत हो गया। परिवारीजनों ने चिकित्सक, कंपाउंडर और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
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अस्पताल प्रशासन की सुनिए
डाक्टर मुकेश जैन का कहना है कि युवक अस्पताल में उपचार कराने आया था, लेकिन जब तक इंजेक्शन मंगाया गया अचानक युवक को ऐठन हुई और उसकी मौत हो गई। शव अस्पताल के बाहर रख परिवारीजनों को मृतक के फोन से सूचना दी गई है। कंपाउंडर ने इंजेक्शन नहीं लगाया है। परिवार शव का पोस्टमार्टम कराए, सब कुछ साफ हो जाएगा।
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