दिल दहला देगी कहानी: 'साहब! पत्नी को दूध नहीं बनता, खरीदने की क्षमता नहीं, भूखी न मरे इसलिए बच्ची बेच रहा हूं'
'साहब, पत्नी को दूध नहीं बन रहा। तीन बच्चे पहले से हैं, दो और हो गए। इनको पालने के लिए पैसे नहीं हैं। भूख से न मरे इसलिए मजबूरी में बच्ची को बेच रहा हूं।' बच्ची का सौदा तय करने के बाद युवक भरभराए शब्दों में यह बातें कह रहा था। बच्ची का आना इसकी जिंदगी में मायने तो रखता है। लेकिन, उसके पालन-पोषण और भविष्य को लेकर चिंतित भी है। आर्थिक मुश्किलों से डरते हुए उसने बच्ची को बेचने का फैसला ले लिया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां गरीबी व आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार में बच्ची पैदा हुई तो उनकी चिंता बढ़ गई। माथे पर इसी बात की लकीरें थीं कि इसका पालन पोषण कैसे करेंगे। इस बात का उत्तर ढूंढ पाने में लाचार पिता ने बच्ची को बेचने का फैसला कर डाला। आगे की कहानी आपको अंदर तक झकझोर देगी।
दरअसल, बिहार प्रांत के गया जिले के जगन्नाथपुरी गांव निवासी युवक अपने परिवार के साथ रोजगार की तलाश में एटा पहुंच गया। यहां वह मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता है। वर्तमान में विद्युत निगम के एक निर्माण कार्य में काम कर रहा है। मंगलवार को उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। वह उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां रात 12 बजे पत्नी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। 'एक बेटी और एक बेटा'। दंपती को तीन बच्चे पहले से हैं। आसपास के लोगों से बात हुई तो युवक बच्चों के पालन-पोषण की मजबूरी बताने लगा।
दलाल महिला ने दंपती की मजबूरी का फायदा उठाने की बनाई योजना
यह बात वहां मौजूद एक दलाल महिला सुन रही थी। इसने तुरंत दंपती की मजबूरी का फायदा उठाने की योजना बना डाली। उसने उसे पैसों का लालच देकर बच्ची को बेचने पर राजी कर लिया। दूसरी तरफ शहर के धनी परिवार से बात कर ली। उसने शहर के जगन्नाथपुरी निवासी परिवार को इसकी सूचना दी। जिसके घर तीन पुत्र हैं, वह एक पुत्री की कामना कर रहे थे। फोन पर बात हुई तो वह खुशी-खुशी बुधवार की सुबह बच्ची को लेने पहुंच गए। युवक को पांच हजार रुपये दिया और बच्ची को लेकर चलने लगे।
दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-अस्पताल प्रशासन
इस बात की भनक अस्पताल के स्टाफ को लग गई। स्टाफ के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें रोक लिया। चिकित्सकों व प्रशासनिक अधिकारियों को बुला लिया गया। करीब दो घंटे तक वहां अफरातफरी की स्थिति बनी रही। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. विवेक पाराशर ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। जांच करा रहे हैं। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। जब पिता से बच्ची को बेचने का कारण पूछा गया, इस पर उसने जो बताया, उसे सुनकर लोग सन्न रह गए। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था कि वह क्या कहें ? एक एक करके वह चुपचाप वहां से चले गए।