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मुआवजे पर नहीं बन सकी सहमति
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sun, 07 Dec 2014 11:55 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) की बाकलपुर गांव में हुई पंचायत में विद्युत विभाग द्वारा कराए जा रहे नोएडा से मैनपुरी तक बड़ी लाइन के कार्य में किसानों को मुआवजा न देने की मांग उठाई गई। पंचायत में पहुंचे प्रशासनिक व विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की बात हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस मामले में आगामी 23 दिसंबर को कचहरी स्थित धरना स्थल पर महापंचायत होगी, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
लगभग छह गांवों के किसानों के साथ हुई पंचायत में अपनी मांगों को दोहराया गया। मांगें पूरी न होने तक काम को रुकवा दिया गया है। किसानों की मांग है कि टावर के नीचे की जमीन का 50 लाख रुपये प्रति बीघा लाइन के नीचे की जमीन का 25 लाख प्रति बीघा दिलाया जाए, प्रभावित किसानों को मोबाइल टावर आदि की भांति मासिक किराया दिया जाए, फसल के नुकसान का मुआवजा मिले व विद्युत लाइन से प्रभावित किसानों को विद्युत मुफ्त मिले।
इस मौके पर नायब तहसीलदार अतुल गंगवार व बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे और किसान नेताओं से बात की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अखिल यादव ने कहा कि इस संबंध में 23 दिसंबर को सुबह 10 बजे कचहरी स्थित धरना स्थल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगे की रणनीति तय होगी। इस मौके पर रमेश चंद्र, हेत सिंह वर्मा, डॉ. अनिल कुमार सिंह, राजवीर सिंह देखमुख, शिवचरन सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह मौजूद थे।
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लगभग छह गांवों के किसानों के साथ हुई पंचायत में अपनी मांगों को दोहराया गया। मांगें पूरी न होने तक काम को रुकवा दिया गया है। किसानों की मांग है कि टावर के नीचे की जमीन का 50 लाख रुपये प्रति बीघा लाइन के नीचे की जमीन का 25 लाख प्रति बीघा दिलाया जाए, प्रभावित किसानों को मोबाइल टावर आदि की भांति मासिक किराया दिया जाए, फसल के नुकसान का मुआवजा मिले व विद्युत लाइन से प्रभावित किसानों को विद्युत मुफ्त मिले।
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इस मौके पर नायब तहसीलदार अतुल गंगवार व बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे और किसान नेताओं से बात की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर प्रदेश महासचिव अखिल यादव ने कहा कि इस संबंध में 23 दिसंबर को सुबह 10 बजे कचहरी स्थित धरना स्थल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आगे की रणनीति तय होगी। इस मौके पर रमेश चंद्र, हेत सिंह वर्मा, डॉ. अनिल कुमार सिंह, राजवीर सिंह देखमुख, शिवचरन सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह मौजूद थे।
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