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नौ बजते ही दीयों की रोशनी से जगमग हुए द्वार और बालकनी
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जीटी रोड स्थित क्षत्रीय महासभा के कार्यालय पर जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह बबलू परिवार सहित दीपक जला
- फोटो : ETAH
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एटा। रविवार रात नौ बजे का माहौल देखते ही बन रहा था। लोगों ने ठीक नौ बजते ही घरों की रोशनी बंद कर दरवाजों पर दीपक, मोमबत्ती जलाकर कोरोना के विरुद्ध एकजुटता का समर्थन किया।
कोरोना लॉकडाउन में घरों में सहमे रहने वाले लोग रविवार शाम को उत्साहित नजर आए। बिजली की रोशनी में चिंतित, गुमसुम दिखने वाले लोग पड़ोसियों से दूर से ही बात कर चहक रहे थे। दीपक, मोमबत्तियों की रोशनी इनमें उम्मीद जगा रही थी। चेहरों पर आत्म विश्वास झलक रहा था।
कोरोना से लड़ाई जीतने का भरोसा दिख रहा था।पूरे शहर में छोटी दीपावली जैसा आलम था। कुछ अंतर भी था। इस दिन हर कोई अपने दरवाजों पर था। सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पालन करते हुए लोग सड़कों पर नहीं नहीं निकले। पड़ोसियों के भी पास नहीं गए।
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शहर की इंद्रपुरी, अरुणा नगर, शांतीनगर, वेग नगर, श्रंगार नगर, सुनहरी नगर, संतोष नगर, विजय नगर जैसी कालोनियां ही नहीं पीपल अड्डा, शिवसिंहपुर, परशुराम नगर, महाराणा प्रताप नगर, पटियाली गेट, घंटाघर आदि क्षेत्रों में अधिकांश लोगों ने दिए जलाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।
मोबाइल फ्लैश लाइट बनी आकर्षण
इस दौरान मोबाइल फ्लैश लाइट आकर्षण का केंद्र बन गईं। नौ मिनट तक लोग मोबाइल लाइट को घुमा घुमाकर आकर्षक आकृतियां एवं संदेश दे रहे थे। दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे बड़े बड़े जुगनू अंधेरो को भगाने की कोशिश कर रहे हों।
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कोरोना लॉकडाउन में घरों में सहमे रहने वाले लोग रविवार शाम को उत्साहित नजर आए। बिजली की रोशनी में चिंतित, गुमसुम दिखने वाले लोग पड़ोसियों से दूर से ही बात कर चहक रहे थे। दीपक, मोमबत्तियों की रोशनी इनमें उम्मीद जगा रही थी। चेहरों पर आत्म विश्वास झलक रहा था।
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कोरोना से लड़ाई जीतने का भरोसा दिख रहा था।पूरे शहर में छोटी दीपावली जैसा आलम था। कुछ अंतर भी था। इस दिन हर कोई अपने दरवाजों पर था। सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पालन करते हुए लोग सड़कों पर नहीं नहीं निकले। पड़ोसियों के भी पास नहीं गए।
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शहर की इंद्रपुरी, अरुणा नगर, शांतीनगर, वेग नगर, श्रंगार नगर, सुनहरी नगर, संतोष नगर, विजय नगर जैसी कालोनियां ही नहीं पीपल अड्डा, शिवसिंहपुर, परशुराम नगर, महाराणा प्रताप नगर, पटियाली गेट, घंटाघर आदि क्षेत्रों में अधिकांश लोगों ने दिए जलाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।
मोबाइल फ्लैश लाइट बनी आकर्षण
इस दौरान मोबाइल फ्लैश लाइट आकर्षण का केंद्र बन गईं। नौ मिनट तक लोग मोबाइल लाइट को घुमा घुमाकर आकर्षक आकृतियां एवं संदेश दे रहे थे। दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे बड़े बड़े जुगनू अंधेरो को भगाने की कोशिश कर रहे हों।