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पैथॉलॉजी लैब पर भी बढ़ा सन्नाटा
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एटा। पैथॉलॉजी लैब पर सन्नाटा पसरा है। मरीज यहां जांच कराने नहीं पहुंच रहे। शहर में संचालित आधा दर्जन से अधिक लैब में नाम मात्र के मरीज ही पहुंच रहे हैं। कलेक्शन सेंटर्स में ताला है। अरुणानगर स्थित पैथॉलॉजी पर मात्र पांच मरीजों ने ही खांसी जुकाम बुखार का टेस्ट कराया।
इमरजेंसी केस देख रहे चिकित्सकों के यहां भीड़ नहीं है। डॉक्टर भी पहले की तरह थोड़ी सी परेशानी पर जांच टेस्ट नहीं लिख रहे। चिकित्सक मरीज की परेशानी सुनकर सीधे दवाएं लिखकर उपचार कर रहे हैं। इसके चलते जहां मेडिकल स्टोर पर तो मरीज दिख रहे हैं, लेकिन पैथॉलॉजी सूने दिखाई दिए। इतना ही नहीं ट्रांसपोर्टेशन के अभाव में कलेक्शन सेंटर्स भी बंद पड़े हैं।
बदले माहौल में पैथॉलॉजी पर गिरी है मरीजों की संख्या
कोरोना के चलते बदले माहौल में पैथॉलॉजी पर मरीजों की संख्या गिर गई है। एक सप्ताह पूर्व डेढ़ सौ से अधिक मरीजों का टेस्ट होता था जबकि दो दिनों से यह संख्या दस तक नहीं पहुंच रही। बुधवार को केवल पांच मरीजों ने सर्दी, जुकाम, खांसी का टेस्ट कराया था।
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-डॉ. एचवी बिसारिया, एमबीबीएस पैथॉलॉजी
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इमरजेंसी केस देख रहे चिकित्सकों के यहां भीड़ नहीं है। डॉक्टर भी पहले की तरह थोड़ी सी परेशानी पर जांच टेस्ट नहीं लिख रहे। चिकित्सक मरीज की परेशानी सुनकर सीधे दवाएं लिखकर उपचार कर रहे हैं। इसके चलते जहां मेडिकल स्टोर पर तो मरीज दिख रहे हैं, लेकिन पैथॉलॉजी सूने दिखाई दिए। इतना ही नहीं ट्रांसपोर्टेशन के अभाव में कलेक्शन सेंटर्स भी बंद पड़े हैं।
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बदले माहौल में पैथॉलॉजी पर गिरी है मरीजों की संख्या
कोरोना के चलते बदले माहौल में पैथॉलॉजी पर मरीजों की संख्या गिर गई है। एक सप्ताह पूर्व डेढ़ सौ से अधिक मरीजों का टेस्ट होता था जबकि दो दिनों से यह संख्या दस तक नहीं पहुंच रही। बुधवार को केवल पांच मरीजों ने सर्दी, जुकाम, खांसी का टेस्ट कराया था।
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-डॉ. एचवी बिसारिया, एमबीबीएस पैथॉलॉजी