{"_id":"883204e4aa44243d0220aa1f1c73286c","slug":"conducting-counter-e-qawwali-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसबे में दादा मियां की मजार पर शनिवार रात मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। युसूफ परवाज जयपुर, नाजिमा, रेशिमा, आसिमा मुरादाबाद की पार्टियों के बीच रोचक मुकाबला हुआ।
जलवाओं का है बाजार हसीनाओं की गली में, गोरी कैसी टांका टूटा, जरा घूंघट तो उठा, काम लेते हो तो शरारत से, ख्वाजा की दीवानी, छोड़ो-छोड़ो प्यार का चक्कर रुकसाना बनो, देखकर सबको आहें ना भरना, शोला हूं शबनम नहीं... सुनाया। तो तेरी छोटी सी दुकान उसमें नकली सब सामान, खुद को ना जला लेना, अभी रात बाकी है पानी ना मांगो सहित अन्य कव्वालियों को कलाकारों ने पेश किया।
कार्यक्रम के दौरान कमेटी अध्यक्ष निजाम अहमद उर्फ बब्बन, अकील कुरैशी, फारून सभासद, रईस मामू, बबलू, बसीम सैफी, मुजीम साह, इसराइल, फरमान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जलवाओं का है बाजार हसीनाओं की गली में, गोरी कैसी टांका टूटा, जरा घूंघट तो उठा, काम लेते हो तो शरारत से, ख्वाजा की दीवानी, छोड़ो-छोड़ो प्यार का चक्कर रुकसाना बनो, देखकर सबको आहें ना भरना, शोला हूं शबनम नहीं... सुनाया। तो तेरी छोटी सी दुकान उसमें नकली सब सामान, खुद को ना जला लेना, अभी रात बाकी है पानी ना मांगो सहित अन्य कव्वालियों को कलाकारों ने पेश किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान कमेटी अध्यक्ष निजाम अहमद उर्फ बब्बन, अकील कुरैशी, फारून सभासद, रईस मामू, बबलू, बसीम सैफी, मुजीम साह, इसराइल, फरमान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन