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अव्यवस्था: गंदे पानी और बदबू से घुटन, प्रसूताओं ने छोड़ा वार्ड : फोटो
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एटा। प्रसव के बाद महिलाओं को 48 घंटे अस्पताल में रोकने के निर्देश हैं। महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते निर्देश बेअसर हैं। बारिश के पानी के साथ ही बृहस्पतिवार रात सैप्टिक टैंक चोक होने से शौचालय का गंदा पानी जच्चा-बच्चा वार्ड में भर गया। गंदे पानी और बदबू की घुटन से प्रसूताओं ने सुबह होते ही वार्ड छोड़ना शुरू कर दिया। दोपहर तक वार्ड पूरी तरह खाली हो गया।
प्रसव के बाद दो दिन का समय जच्चा-बच्चा के लिए काफी संवेदनशील रहता है। ऐसे में उन्हें 48 घंटे तक अस्पताल में रोककर देखभाल, टीकाकरण आदि किया जाता है। अस्पताल में इसके लिए एक ही वार्ड है। यहां बृहस्पतिवार को दस प्रसूताएं भर्ती थीं। रात के समय यहां शौचालय का टैंक ओवरफ्लो होकर गंदगी के साथ वार्ड में भरने लगा। छत से भी पानी टपकने लगा। प्रसूताओं और परिजनों को जहां छत को लेकर डर लगा रहा वहीं बदबूदार माहौल में रुकना मुश्किल हो गया। किसी तरह रात काटी और सुबह होते ही प्रसूताओं की छुट्टी कराकर जाने लगे। दोपहर तक सभी 10 प्रसूताओं के जाने से वार्ड खाली हो गया।
बोले तीमारदार
बृहस्पतिवार की रात को टैंक चोक होकर ओवरफ्लो होने लगा। शुक्रवार सुबह बारिश हुई तो वार्ड में काफी पानी भर गया। इससे बदबू आ रही थी, स्वास्थ्य कर्मियों से कहा तो किसी ने सुना नहीं, अब घर ले जा रहे हैं।
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किशोरी, बदरिया
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अस्पताल में अव्यवस्थाएं हैं, वार्ड में गंदगी व्याप्त है। टैंक का पानी वार्ड में भर गया है। इससे दिक्कत हो रही है। गंदे पानी में घ़ुसकर ही निकलना पड़ रहा था। इसलिए अस्पताल से घर ले जा रहे हैं।
गीतम, छितौनी
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अस्पताल में पानी भरने की समस्या पुरानी है। टैंक का पानी भी वार्ड में आ गया है। पंप चलवाकर वार्ड का पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस महिला अस्पताल
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प्रसव के बाद दो दिन का समय जच्चा-बच्चा के लिए काफी संवेदनशील रहता है। ऐसे में उन्हें 48 घंटे तक अस्पताल में रोककर देखभाल, टीकाकरण आदि किया जाता है। अस्पताल में इसके लिए एक ही वार्ड है। यहां बृहस्पतिवार को दस प्रसूताएं भर्ती थीं। रात के समय यहां शौचालय का टैंक ओवरफ्लो होकर गंदगी के साथ वार्ड में भरने लगा। छत से भी पानी टपकने लगा। प्रसूताओं और परिजनों को जहां छत को लेकर डर लगा रहा वहीं बदबूदार माहौल में रुकना मुश्किल हो गया। किसी तरह रात काटी और सुबह होते ही प्रसूताओं की छुट्टी कराकर जाने लगे। दोपहर तक सभी 10 प्रसूताओं के जाने से वार्ड खाली हो गया।
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बृहस्पतिवार की रात को टैंक चोक होकर ओवरफ्लो होने लगा। शुक्रवार सुबह बारिश हुई तो वार्ड में काफी पानी भर गया। इससे बदबू आ रही थी, स्वास्थ्य कर्मियों से कहा तो किसी ने सुना नहीं, अब घर ले जा रहे हैं।
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किशोरी, बदरिया
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अस्पताल में अव्यवस्थाएं हैं, वार्ड में गंदगी व्याप्त है। टैंक का पानी वार्ड में भर गया है। इससे दिक्कत हो रही है। गंदे पानी में घ़ुसकर ही निकलना पड़ रहा था। इसलिए अस्पताल से घर ले जा रहे हैं।
गीतम, छितौनी
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अस्पताल में पानी भरने की समस्या पुरानी है। टैंक का पानी भी वार्ड में आ गया है। पंप चलवाकर वार्ड का पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस महिला अस्पताल