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जान खतरे में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
सार
ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला इंदी के बच्चे जान खतरे में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं।अभिभावकों का कहना है कि दोनों गांवों को जोड़ने के लिए पक्का मार्ग नहीं है।वहां तक मार्ग बनाने के लिए एस्टीमेट बन गया है।
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सकीट क्षेत्र में झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाते नगला इंदी के बच्चे।
- फोटो : ETAH
विस्तार
सकीट। ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला इंदी के बच्चे जान खतरे में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं। दरअसल, इस गांव का विद्यालय नगला पंक्षी में बना दिया गया। स्कूल गांव से एक किलोमीटर दूर है। स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को झाड़ियों के असुरक्षित रास्ते से होकर जाना पड़ता है।
प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2008 में नगला इंदी के नाम से नगला पंक्षी में बना था। दोनों ही गांव मजरा जात सकीट में आते है। नगला इंदी में स्कूल के लिए जगह न मिलने के कारण ऐसा किया गया। बरसात के बाद हालात अधिक खराब हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि दोनों गांवों को जोड़ने के लिए पक्का मार्ग नहीं है। छात्र-छात्राओं को खेत पर बने मेड़ से स्कूल आना-जाना पड़ता है।
खेतों में फसल के अलावा किनारों पर झाड़ियां उगी हुई हैं। खतरा रहता है कि वहां बैठा कोई कीड़ा आदि बच्चों पर हमला न कर दे। ऐसे में जब तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचते हैं, मां-बाप को चिंता सताती रहती है।
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नगला इंदी से नगला पंछी तक ग्राम समाज की जमीन है। वहां तक मार्ग बनाने के लिए एस्टीमेट बन गया है। पास होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद भी विद्यालय तक कुछ दूरी रह जाएगी। उस जगह खेत वाले लोगों से बात की जाएगी, सहमति होने पर पूरा मार्ग बनवाया जाएगा।
सीमा यादव, प्रधान मजरा जात सकीट
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प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2008 में नगला इंदी के नाम से नगला पंक्षी में बना था। दोनों ही गांव मजरा जात सकीट में आते है। नगला इंदी में स्कूल के लिए जगह न मिलने के कारण ऐसा किया गया। बरसात के बाद हालात अधिक खराब हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि दोनों गांवों को जोड़ने के लिए पक्का मार्ग नहीं है। छात्र-छात्राओं को खेत पर बने मेड़ से स्कूल आना-जाना पड़ता है।
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खेतों में फसल के अलावा किनारों पर झाड़ियां उगी हुई हैं। खतरा रहता है कि वहां बैठा कोई कीड़ा आदि बच्चों पर हमला न कर दे। ऐसे में जब तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंचते हैं, मां-बाप को चिंता सताती रहती है।
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नगला इंदी से नगला पंछी तक ग्राम समाज की जमीन है। वहां तक मार्ग बनाने के लिए एस्टीमेट बन गया है। पास होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद भी विद्यालय तक कुछ दूरी रह जाएगी। उस जगह खेत वाले लोगों से बात की जाएगी, सहमति होने पर पूरा मार्ग बनवाया जाएगा।
सीमा यादव, प्रधान मजरा जात सकीट