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‘चंद्रशेखर आजाद ने निभाई थी आजादी में अहम भूमिका’
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:54 PM IST
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जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को जिला कार्यालय पर चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि मनाई। कांग्रेसियों ने उनके चित्र पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गोष्ठी का आयोजन कर देश के महान क्रांतिकारी को याद किया गया।
जिलाध्यक्ष चोब सिंह धनगर ने कहा कि वर्ष 1922 में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन को अचानक बंद कर देने के बाद चंद्रशेखर आजाद की विचारधारा में बदलाव आया। इसके बाद वह क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़कर हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य बने और नौ अगस्त 1925 को काकोरी कांड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजाद ने जीवन भर देश की आजादी के लिए संघर्ष कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग जारी रखे। डा. शीलेंद्र गौड़, अरूणेश कुमार, भगवान स्वरूप प्रजापति, अनिल सोलंकी, विजेंद्र कश्यप, अजीज फारूकी, दलवीर सिंह यादव, खेमचंद्र कुसुम, राजीव शास्त्री, गीतम सिंह, वीरेंद्र सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, सुनील, दिनेश यादव, नीरज धनगर, जितेंद्र राजपूत, सूबेदार, अहिवरन आदि लोग मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष चोब सिंह धनगर ने कहा कि वर्ष 1922 में गांधी जी ने असहयोग आंदोलन को अचानक बंद कर देने के बाद चंद्रशेखर आजाद की विचारधारा में बदलाव आया। इसके बाद वह क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़कर हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य बने और नौ अगस्त 1925 को काकोरी कांड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजाद ने जीवन भर देश की आजादी के लिए संघर्ष कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग जारी रखे। डा. शीलेंद्र गौड़, अरूणेश कुमार, भगवान स्वरूप प्रजापति, अनिल सोलंकी, विजेंद्र कश्यप, अजीज फारूकी, दलवीर सिंह यादव, खेमचंद्र कुसुम, राजीव शास्त्री, गीतम सिंह, वीरेंद्र सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, सुनील, दिनेश यादव, नीरज धनगर, जितेंद्र राजपूत, सूबेदार, अहिवरन आदि लोग मौजूद थे।
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