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UP: मौत बनकर सड़कों पर घूम रहे सांड...एटा में एक साल के आंकड़े आए सामने, 20 लोगों की गई जान

Thu, 20 Feb 2025 03:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 20 Feb 2025 03:06 PM IST
सार

एटा की सड़कों पर सांड मौत बनकर घूम रहे हैं। एक साल में इनकी वजह से 20 लोगों ने अपनी जान गवांई है। आलम ये है कि इतनी मौतों के बाद भी प्रशासन सो रहा है। 
 

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Bulls roaming on the streets masquerading as death One year's figures in Etah 20 people lost their lives
सांड।

विस्तार

एटा में करोड़ों रुपये खर्च कर सरकारी गोशालाएं बनाई गईं। गोवंशों को रखकर उनके पोषण पर लाखों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सड़कों पर घूमते सांडों ने एक साल में 20 लोगों की जान ले ली, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को घायल कर दिया। इनकी रोकथाम के सब उपाय नाकाफी पड़ गए हैं।
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जिले में निराश्रित गोवंश लगातार लोगों के ऊपर हमला कर रहे हैं। जिसके कारण लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। परिजन जब तक लेकर चिकित्सालय पहुंचते हैं। गंभीर हालत होने की वजह से उन्हें रेफर कर दिया जाता है और अधिकांश मामलों में घायल की मौत हो जाती है। पिछले दो दिनों में ही दो महिलाओं पर सांड़ों ने इस प्रकार से हमला किया कि दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गईं। महिलाओं का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
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पिलुआ थाना क्षेत्र के गांव कुतुबपुर में सोमवार की सुबह पशुओं को चारा डाल रही एक महिला पर सांड़ ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके साथ ही बुधवार को सकीट थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर निबरुआ में खेत की ओर जा रही महिला कमला देवी पर सांड़ ने हमला बोल दिया। गंभीर रूप से घायल कमला देवी को लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज आए, यहां उपचार चल रहा है।

 

एक साल में देखा जाए तो इस प्रकार की लगभग 50 से अधिक घटनाएं हुईं जिसमें से 20 घटनाओं में लोगों की जान चली गई। सीवीओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं, जिससे कि सभी गोवंश को पकड़कर गोशाला पहुंचाया जा सके। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान और जनता के सहयोग की भी जरूरत है।


 
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30 गोशालाओं में हैं 5806 गोवंश
जिले में कुल मिलाकर 30 गोशालाएं संचालित की जा रहीं हैं। इनमें 5806 गोवंश संरक्षित हैं। विभाग के अनुसार लगभग 500 गोवंश अभी भी जिले में बाहर घूम रहे हैं। जबकि हकीकत में यह संख्या कई गुना अधिक है। जिसकी वजह से आमजन से लेकर किसान और वाहन चालक परेशान हैं।

 

केस एक- खेत पर चारा काटने गए किसान पर सांड ने किया हमला
निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव नगला खिल्ली निवासी नेकसे लाल बघेल 14 जुलाई 2024 की शाम को चारा काटने खेत पर गए हुए थे। चारा काटते समय एक सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। जिससे नेकसे लाल अचेत होकर गिर पड़े। मेडिकल कॉलेज लाया गया वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

 

केस दो- खेत जाते समय सांड की टक्कर से हुई मौत
निधौली कलां थाना क्षेत्र के ही गांव बाकलपुर निवासी राजकुमार 4 सितंबर 2024 को खेत में फसल देखने जा रहे थे। तभी रास्ते में सांड़ ने हमला कर दिया। जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, यहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया।
 
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