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Etah News: डिप्थीरिया का संदिग्ध मिला न्योराई का बालक
Mon, 02 Oct 2023 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 02 Oct 2023 11:21 PM IST
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एटा। जिल में डिप्थीरिया (गलाघोंटू ) का संदिग्ध केस स्वास्थ्य विभाग को मिला है। मामले की जानकारी होते ही बच्चे के घर स्वास्थ्य टीम जा पहुंची और परीक्षण किया। वहीं संदिग्ध बच्चे का सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में आशा व एएनएम को सक्रिय कर दिया गया है।
गांव न्योराई निवासी दो वर्षीय आर्यन के परिजन बच्चे को गले में शिकायत होने पर शहर के एक निजी चिकित्सक के पास लेकर आए थे। जहां चिकित्सक को बच्चे में डिप्थीरिया के लक्षण मालूम पड़े। उन्होंने इसकी सूचना 28 सितंबर को सीएमओ कार्यालय पर दी। 29 सितंबर को डॉ. नकुल राना बच्चे के घर जांच के लिए जा पहुंचे। उन्होंने जांच की और मामले की जानकारी उच्चधिकारियों को दी। वहीं उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बच्चे का सैंपल जांच को लिया गया। बताया जा रहा है कि सैंपल को दिल्ली डब्ल्यूएचओ के माध्यम से भेजा गया है। जबकि जिले में जलेसर क्षेत्र में भी मई माह में एक डिप्थीरिया का केस सामने आया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा वहां कार्रवाई की गई थी। लेकिन क्षेत्र में अन्य कोई बच्चा डिप्थीरिया से ग्रसित नहीं मिला था।
क्या है डिप्थीरिया
डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि डिप्थीरिया रोग संक्रमण से होता है। इसके बैक्टीरिया टांसिल और श्वांस नली को संक्रमित करते हैं। संक्रमण फैलने से एक ऐसी झिल्ली बन जाती है, जो सांस लेने में बाधक बनती है। इस बीमारी के होने पर गला सूखने लगता है, आवाज फटने लगती है, गले में जाल पड़ने के बाद सांस लेने में दिक्कत होती है।
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संक्रमण फैलने के कारण
-इस बीमारी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने से फैलता है।
- इसके जीवाणु पीड़ित व्यक्ति के मुंह, नाक और गले में रहते हैं।
- यदि इसके इलाज में देरी हो जाये तो जीवाणु पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
- बारिश के मौसम में इसके जीवाणु सबसे अधिक फैलते हैं।
बच्चे के मामले में जानकारी मिली वैसे ही टीम भेज जांच कराई गई। बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। समय-समय पर बच्चों की जांच सैंपल भेज जिले से कराई जाती है।
- डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
प्राइवेट चिकित्सक द्वारा बच्चे के बारे में बताया गया था। टीम भेज जांच पड़ताल कराई गई है। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कंफर्म होगा कि बच्चा डिप्थीरिया से ग्रसित है अथवा नहीं। - हार्दिक कंजारिया, एसएमओ डब्ल्यूएचओ
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गांव न्योराई निवासी दो वर्षीय आर्यन के परिजन बच्चे को गले में शिकायत होने पर शहर के एक निजी चिकित्सक के पास लेकर आए थे। जहां चिकित्सक को बच्चे में डिप्थीरिया के लक्षण मालूम पड़े। उन्होंने इसकी सूचना 28 सितंबर को सीएमओ कार्यालय पर दी। 29 सितंबर को डॉ. नकुल राना बच्चे के घर जांच के लिए जा पहुंचे। उन्होंने जांच की और मामले की जानकारी उच्चधिकारियों को दी। वहीं उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बच्चे का सैंपल जांच को लिया गया। बताया जा रहा है कि सैंपल को दिल्ली डब्ल्यूएचओ के माध्यम से भेजा गया है। जबकि जिले में जलेसर क्षेत्र में भी मई माह में एक डिप्थीरिया का केस सामने आया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा वहां कार्रवाई की गई थी। लेकिन क्षेत्र में अन्य कोई बच्चा डिप्थीरिया से ग्रसित नहीं मिला था।
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क्या है डिप्थीरिया
डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि डिप्थीरिया रोग संक्रमण से होता है। इसके बैक्टीरिया टांसिल और श्वांस नली को संक्रमित करते हैं। संक्रमण फैलने से एक ऐसी झिल्ली बन जाती है, जो सांस लेने में बाधक बनती है। इस बीमारी के होने पर गला सूखने लगता है, आवाज फटने लगती है, गले में जाल पड़ने के बाद सांस लेने में दिक्कत होती है।
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संक्रमण फैलने के कारण
-इस बीमारी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने और छींकने से फैलता है।
- इसके जीवाणु पीड़ित व्यक्ति के मुंह, नाक और गले में रहते हैं।
- यदि इसके इलाज में देरी हो जाये तो जीवाणु पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
- बारिश के मौसम में इसके जीवाणु सबसे अधिक फैलते हैं।
बच्चे के मामले में जानकारी मिली वैसे ही टीम भेज जांच कराई गई। बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। समय-समय पर बच्चों की जांच सैंपल भेज जिले से कराई जाती है।
- डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
प्राइवेट चिकित्सक द्वारा बच्चे के बारे में बताया गया था। टीम भेज जांच पड़ताल कराई गई है। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कंफर्म होगा कि बच्चा डिप्थीरिया से ग्रसित है अथवा नहीं। - हार्दिक कंजारिया, एसएमओ डब्ल्यूएचओ