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बजट के बाद भी नहीं खरीदी गई ब्लड सेपरेटर मशीन
amar ujala
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:05 AM IST
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ब्लड बैंक परिसर में रक्तदान
- फोटो : mirzapur
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शासन से बजट मिले सालभर बीत चुका है। फिर भी जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेटर मशीन नहीं लगी। इससे मरीजों के परिवारीजनों को प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के लिए आगरा, अलीगढ़, फीरोजाबाद की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के लिए पिछले साल रक्तदान दिवस पर सीएमओ ने ब्लड सेपरेटर मशीन लगाने की घोषणा की थी। शासन से 22 लाख रुपये इसके लिए अवमुक्त हुए भी सालभर बीत चुका है। पर, अब तक ब्लड सेपरेटर मशीन खरीदी नहीं गई। सीएमओ डॉ आरसी पांडेय ने इसके लिए सीएमएस को जिम्मेदार ठहराया है। बताया कि बजट का 22 लाख रुपये आवंटित कर दिया गया है। मशीन खरीदने का फैसला सीएमएस को करना है। कई बार उनसे चर्चा भी हो चुकी है। वहीं सीएमएस डॉ एके चतुर्वेदी का कहना है कि मशीन खरीदने को लेकर कागजी कार्रवाई चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्लड सेपरेटर मशीन लगा दी जाएगी। फिलहाल स्वास्थ विभाग के अफसरों की इस मनमानी के कारण जिले के हजारों मरीज और उनके तीमारदार प्लेटलेट्स या प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद आदि शहर भागने की मजबूरी झेल रहे हैं।
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जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के लिए पिछले साल रक्तदान दिवस पर सीएमओ ने ब्लड सेपरेटर मशीन लगाने की घोषणा की थी। शासन से 22 लाख रुपये इसके लिए अवमुक्त हुए भी सालभर बीत चुका है। पर, अब तक ब्लड सेपरेटर मशीन खरीदी नहीं गई। सीएमओ डॉ आरसी पांडेय ने इसके लिए सीएमएस को जिम्मेदार ठहराया है। बताया कि बजट का 22 लाख रुपये आवंटित कर दिया गया है। मशीन खरीदने का फैसला सीएमएस को करना है। कई बार उनसे चर्चा भी हो चुकी है। वहीं सीएमएस डॉ एके चतुर्वेदी का कहना है कि मशीन खरीदने को लेकर कागजी कार्रवाई चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्लड सेपरेटर मशीन लगा दी जाएगी। फिलहाल स्वास्थ विभाग के अफसरों की इस मनमानी के कारण जिले के हजारों मरीज और उनके तीमारदार प्लेटलेट्स या प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद आदि शहर भागने की मजबूरी झेल रहे हैं।
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