तलाक दिलाने के नाम पर ठगी: BJP नेता ने बुलाई पंचायत, लिए 10 लाख, पहली पत्नी के रहते लव मैरिज करने का है मामला
एटा जिले में पहली पत्नी के रहते युवक ने दूसरी शादी रचा ली। बात क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य के पास तक पहुंची तो उन्होंने अपने घर पर पंचायत बुलाई। इस दौरान तलाक दिलाने के नाम पर युवक से दस लाख रुपये ठग लिए।
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य द्वारा तलाक दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। युवक ने पहली पत्नी के रहते दूसरी युवती से प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद तलाक दिलाने को कहा। समझौते के दौरान 10 लाख रुपये में बात बनी थी।
भाजपा जिपंस के घर बुलाई गई थी पंचायत
शहर कोतवाली क्षेत्र के सुनहरी नगर निवासी श्याम सिंह ने मोहल्ले के ही जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। बताया कि पुत्र हरप्रीत यादव की पहली शादी 4 मार्च 2022 को जितेंद्र सिंह की बेटी अमन यादव निवासी आश्रम वाली गली मैनपुरी के साथ हुई थी।
इसके बाद पुत्र ने सितंबर 2022 में खुशबू से प्रेम विवाह कर लिया। इस पर पहली पत्नी के परिजन ने उसकी शादी दूसरी जगह करने की बात कहकर फैसला करने को कहा। तब भाजपा जिपंस के घर पर पंचायत बुलाई गई। यहां पर 20 लाख में समझौता हुआ।
मायके वालों को रकम देने का वादा किया
पीड़ित ने बताया कि जिपंस ने समझौते के दौरान कहा था कि रकम दीजिए, तलाक दिलाने की मेरी जिम्मेदारी होगी। इसके बाद 25 जनवरी को पांच-पांच लाख के चार चेक जिपंस ने ले लिए। एक चेक से भुगतान भी उसी दिन कर लिया और तलाक होने के बाद मायके वालों को रकम देने का वादा किया।
आरोप है कि तलाक होने से पहले ही राजेश यादव ने 13 फरवरी को पांच लाख रुपये निकाल लिए। जब वह बैंक गया तो रकम निकलने का पता चला। तब 19 मार्च को राजेश यादव के घर गया। यहां पर गाली-गलौज कर धमकी दी गई। शेष दो चेक से रुपये निकालने का अंदेशा जताया है।
इनके खिलाफ लिखा गया मुकदमा
तलाक दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जिला पंचायत सदस्य के अलावा इनके पुत्र विक्रम व सतेंद्र सिंह, देवंद्र सिंह, सचिन, विपिन और प्रदीप शामिल हैं। इन लोगों पर भी तलाक के नाम पर ठगी करने का आरोप है। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।