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सादगी की मिसाल थे ‘बाबू जी’
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कासगंज गेस्ट हाऊस पर अपने पुत्र राजवीर सिंह और सदर विधायक देवेंद्र राजपूत एवं दिवंगत विधायक देव?
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। भाजपा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबू जी’ की सादगी को लेकर एक संस्मरण सुनाया। उनका कहना है कि बात 1971 की है। जब उनकी नियुक्ति भागवत इंटर कॉलेज में थी। उस समय जुलाई 1971 में लोकसभा चुनाव थे। एटा लोक सभा से स्वर्गीय महादीपक शाक्य जनसंघ के प्रत्याशी थे। पूर्व मुख्यमंत्री को एक चुनावी सभा को संबोधित करना था। वह ट्रेन से पटियाली पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक पुरानी जीप से उन्हें लेने के लिए स्टेशन पहुंचे, लेकिन ट्रेन डेढ़ घंटे लेट थी तो वह लौट आए। फिर डेढ़ घंटे के बाद वह बाबूजी को लेने स्टेशन जा रहे थे। तभी देखा कि रास्ते में बाबूजी अपनी बगल में एक छोटा सा काला बैग दबाकर और एक साथ से धोती पकड़कर पैदल ही चले आ रहे थे। बाबूजी को आता देख उनके पास पहुंचकर अपनी जीप रोकी और जीप में बैठाया तो उन्होंने कहा कि मैं तो पैदल ही आ रहा था गाड़ी क्यों ले आए। इसके बाद उन्होंने ज्ञान प्रकाश गुप्ता के परिचय के बारे में पूछा।
बहुत भरोसा करते थे बाबूजी- श्याम अग्रवाल
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उद्योगपति श्याम अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर गहरा दुख जाहिर करते हुए बताया कि उनका व्यक्तित्व बेहद सरल था और वह दिखावा पसंद नहीं करते थे। उन्होंने बताया कि जब बाबूजी 1993 में कासगंज विधानसभा से चुनाव लड़े तो वह इस चुनाव व्यवस्था के संयोजक थे। पूरी चुनाव व्यवस्था में बाबूजी का पूरी टीम पर भरोसा था। वह चुनाव की हर रणनीति पर बड़ी बारीक नजर रखते थे और निष्पक्ष चुनाव के पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि कासगंज क्षेत्र से उनका लगाव काफी अधिक था और वो न जाने कितने लोगों को नाम से जानते थे। नाम लेकर ही तमाम कार्यकर्ताओं को बुलाते थे। उनके निधन से पूरे देश को क्षति हुई है।
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उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक पुरानी जीप से उन्हें लेने के लिए स्टेशन पहुंचे, लेकिन ट्रेन डेढ़ घंटे लेट थी तो वह लौट आए। फिर डेढ़ घंटे के बाद वह बाबूजी को लेने स्टेशन जा रहे थे। तभी देखा कि रास्ते में बाबूजी अपनी बगल में एक छोटा सा काला बैग दबाकर और एक साथ से धोती पकड़कर पैदल ही चले आ रहे थे। बाबूजी को आता देख उनके पास पहुंचकर अपनी जीप रोकी और जीप में बैठाया तो उन्होंने कहा कि मैं तो पैदल ही आ रहा था गाड़ी क्यों ले आए। इसके बाद उन्होंने ज्ञान प्रकाश गुप्ता के परिचय के बारे में पूछा।
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बहुत भरोसा करते थे बाबूजी- श्याम अग्रवाल
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उद्योगपति श्याम अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर गहरा दुख जाहिर करते हुए बताया कि उनका व्यक्तित्व बेहद सरल था और वह दिखावा पसंद नहीं करते थे। उन्होंने बताया कि जब बाबूजी 1993 में कासगंज विधानसभा से चुनाव लड़े तो वह इस चुनाव व्यवस्था के संयोजक थे। पूरी चुनाव व्यवस्था में बाबूजी का पूरी टीम पर भरोसा था। वह चुनाव की हर रणनीति पर बड़ी बारीक नजर रखते थे और निष्पक्ष चुनाव के पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि कासगंज क्षेत्र से उनका लगाव काफी अधिक था और वो न जाने कितने लोगों को नाम से जानते थे। नाम लेकर ही तमाम कार्यकर्ताओं को बुलाते थे। उनके निधन से पूरे देश को क्षति हुई है।
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