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Etah News: नवंबर में शुरू हो जाएगा ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर
Wed, 27 Aug 2025 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 27 Aug 2025 10:51 PM IST
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एनएच-34 पर गांव छछैना के पास बनकर तैयार हुआ ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर। संवाद
एटा। जिला मुख्यालय से कानपुर की ओर हाईवे किनारे गांव छछैना पर ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य और मशीनें लगाने का काम अंतिम चरण में है। नवंबर माह में यहां पर फिटनेस का कार्य शुरू हो जाएगा।
प्रदेश में सरकार ने सभी वाहनों की फिटनेस और अन्य जांच का कार्य निजी कंपनी के हाथों में देने का निर्णय लिया है। इसी के तहत जिले में मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर हाईवे पर ऑटो ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर निजी कंपनी की ओर से ही वाहनों की जांच और फिटनेस का कार्य कराया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि काम तेजी के साथ चल रहा है।
कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजर सुनील कुमार ने बताया कि गांव छछैना पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फिटनेस सेंटर का शुभारंभ नवंबर के प्रथम सप्ताह में होने की उम्मीद है। संभागीय परिवहन कार्यालय में जगह की कमी के कारण निजी कंपनी ने शहर से बाहर सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग कंपनी की संस्तुति के आधार पर ही प्रमाणपत्र जारी करेगा।
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ऑटोमेटिक मशीन से जल्दी होगा काम
एआरटीओ ने बताया कि यहां निजी कंपनी के माध्यम से स्वचालित मशीनों के जरिये वाहनों के अहम हिस्सों को चेक किया जाएगा जिसमें 10 से 15 मिनट का समय ही लगेगा। मैनुअल तरीके से जांच करने में अधिक समय लगता है। ऐसे में वाहन चालक और स्वामियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
हर वर्ष लेना पड़ता है वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र
सड़क पर चलने वाले वाहनों को हर वर्ष फिटनेस का प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। इसके लिए भौतिक सत्यापन के साथ ही टैक्स और बीमा के कागजात की भी की जाती है। सब कुछ सही होने के बाद ही वाहन को सड़क पर चलने के योग्य माना जाता है।
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प्रदेश में सरकार ने सभी वाहनों की फिटनेस और अन्य जांच का कार्य निजी कंपनी के हाथों में देने का निर्णय लिया है। इसी के तहत जिले में मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर हाईवे पर ऑटो ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर निजी कंपनी की ओर से ही वाहनों की जांच और फिटनेस का कार्य कराया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि काम तेजी के साथ चल रहा है।
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कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजर सुनील कुमार ने बताया कि गांव छछैना पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फिटनेस सेंटर का शुभारंभ नवंबर के प्रथम सप्ताह में होने की उम्मीद है। संभागीय परिवहन कार्यालय में जगह की कमी के कारण निजी कंपनी ने शहर से बाहर सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग कंपनी की संस्तुति के आधार पर ही प्रमाणपत्र जारी करेगा।
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ऑटोमेटिक मशीन से जल्दी होगा काम
एआरटीओ ने बताया कि यहां निजी कंपनी के माध्यम से स्वचालित मशीनों के जरिये वाहनों के अहम हिस्सों को चेक किया जाएगा जिसमें 10 से 15 मिनट का समय ही लगेगा। मैनुअल तरीके से जांच करने में अधिक समय लगता है। ऐसे में वाहन चालक और स्वामियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
हर वर्ष लेना पड़ता है वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र
सड़क पर चलने वाले वाहनों को हर वर्ष फिटनेस का प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। इसके लिए भौतिक सत्यापन के साथ ही टैक्स और बीमा के कागजात की भी की जाती है। सब कुछ सही होने के बाद ही वाहन को सड़क पर चलने के योग्य माना जाता है।