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अवागढ़ ब्लाक के गांव सरानी के ग्रामीणों ने घेरा कलेक्ट्रेट
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चकबंदी की समस्या को लेकर ज्ञापन देने जाते सरानी के ग्रामीण ।
- फोटो : ETAH
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एटा। गांव सरानी में इन दिनों चकबंदी चल रही है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। किसी के खेत ऊसर में दिए गए हैं तो किसी के खेत पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं। इसको लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और एडीएम कार्यालय का घिराव किया। एडीएम ने शनिवार को गांव में खुली बैठक बुलाई है। इसमें तय होगा कि गांव में चकबंदी होगी या नहीं।
शुक्रवार को विकास खंड अवागढ़ के गांव सरानी के गांववासियों ने चकबंदी को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर एडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में चल रहे चकबंदी को रोकने के लिए नवंबर माह में भी एडीएम व डीएम से आग्रह किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को सरानी गांव के ग्रामीण इकट्ठा होकर एडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामवासियों का आरोप है कि गांव में न तो कोई चकमार्ग है और न मकान बनाने के लिए ग्राम सभा में भूमि अंकित है। वहीं चकबंदी लेखपाल व कानूनगो द्वारा 20 हजार रुपये तक वसूली की जा रही है। उन्होंने ऐसी स्थिति में चकबंदी को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान ग्राम प्रधान संजेश, श्यामवीर, महावीर, रामरक्षपाल, महेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, लाखन सिंह, सूरजपाल, धर्मवीर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
गांव में चकबंदी के दौरान ऊसर दिए जा रहे हैं। वहीं लेखपाल द्वारा अवैध वसूली की जा रही है।
- सुरेंद्र कुमार, सरानी
चकबंदी रोकने के लिए डीएम व एडीएम से आग्रह कर चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
- राजपाल, सरानी
चकबंदी लेखपाल 10 हजार से 20 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। वहीं लोगों को ऊसर खेत दिए जा रहे हैं।
- संजेश, ग्राम प्रधान
किसानों की खेती चकबंदी के दौरान ऊसर में डाल दी है। इस भूमि का हम क्या करेंगे। चकबंदी बंद होनी चाहिए।
- हरी सिंह, सरानी
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शुक्रवार को विकास खंड अवागढ़ के गांव सरानी के गांववासियों ने चकबंदी को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर एडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में चल रहे चकबंदी को रोकने के लिए नवंबर माह में भी एडीएम व डीएम से आग्रह किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को सरानी गांव के ग्रामीण इकट्ठा होकर एडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामवासियों का आरोप है कि गांव में न तो कोई चकमार्ग है और न मकान बनाने के लिए ग्राम सभा में भूमि अंकित है। वहीं चकबंदी लेखपाल व कानूनगो द्वारा 20 हजार रुपये तक वसूली की जा रही है। उन्होंने ऐसी स्थिति में चकबंदी को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान ग्राम प्रधान संजेश, श्यामवीर, महावीर, रामरक्षपाल, महेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, लाखन सिंह, सूरजपाल, धर्मवीर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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गांव में चकबंदी के दौरान ऊसर दिए जा रहे हैं। वहीं लेखपाल द्वारा अवैध वसूली की जा रही है।
- सुरेंद्र कुमार, सरानी
चकबंदी रोकने के लिए डीएम व एडीएम से आग्रह कर चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
- राजपाल, सरानी
चकबंदी लेखपाल 10 हजार से 20 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। वहीं लोगों को ऊसर खेत दिए जा रहे हैं।
- संजेश, ग्राम प्रधान
किसानों की खेती चकबंदी के दौरान ऊसर में डाल दी है। इस भूमि का हम क्या करेंगे। चकबंदी बंद होनी चाहिए।
- हरी सिंह, सरानी