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सैफ्टिक फैलने से छात्र की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 03 Oct 2015 10:46 PM IST
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हाथ पर गोदा नाम हटवाना एक छात्र की जिंदगी पर भारी पड़ गया। गोदा हुआ नाम हटवाने से सैफ्टिक फैल गया और इससे छात्र की मौत हो गई। परिवार वाले कह रहे हैं कि एनसीसी में चयन के लिए छात्र ने गोदा हुआ नाम हटवाया। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बिर्जू पुत्र राम बाबू निवासी सिंटी मोहल्ला बीएबी इंटर कालेज का छात्र था। 6 सितंबर को विद्यालय में एनसीसी 9 यूपी बटालियन के लिए छात्रों के चयन के लिए शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एनसीसी के कर्नल भी आए हुए थे। परिवार के लोगों का कहना है कि छात्र के हाथ पर बीके गुदा हुआ था। कर्नल ने उसे एनसीसी में शामिल होने के लिए हाथ पर गुदे नाम को हटाने के लिए कहा। छात्र ने इसके बाद अपने हाथ पर गोदा नाम को हटवा लिया। इसके बाद छात्र के इन्फेक्शन फैलने लगा। इस पर उसने चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। परिजन उसे शनिवार को फिर एक निजी चिकित्सक के ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे बाहर ले जाने की सलाह दी। चिकित्सक की सलाह पर परिजन उसे बाहर लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत होते ही शव को वापस घर ले जाया गया।
एनसीसी में नहीं हुआ था चयन
कासगंज। एनसीसी के कैप्टन आलोक दुबे ने कहा कि छात्र का एनसीसी में चयन नहीं हुआ था। एनसीसी में गोदना का प्रतिबंध का कोई नियम नहीं है। छात्र विद्यालय में कक्षा 12 में पढ़ रहा था। ऐसे में उसका एनसीसी में चयन नहीं हो सकता था।
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बिर्जू पुत्र राम बाबू निवासी सिंटी मोहल्ला बीएबी इंटर कालेज का छात्र था। 6 सितंबर को विद्यालय में एनसीसी 9 यूपी बटालियन के लिए छात्रों के चयन के लिए शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एनसीसी के कर्नल भी आए हुए थे। परिवार के लोगों का कहना है कि छात्र के हाथ पर बीके गुदा हुआ था। कर्नल ने उसे एनसीसी में शामिल होने के लिए हाथ पर गुदे नाम को हटाने के लिए कहा। छात्र ने इसके बाद अपने हाथ पर गोदा नाम को हटवा लिया। इसके बाद छात्र के इन्फेक्शन फैलने लगा। इस पर उसने चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। परिजन उसे शनिवार को फिर एक निजी चिकित्सक के ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे बाहर ले जाने की सलाह दी। चिकित्सक की सलाह पर परिजन उसे बाहर लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत होते ही शव को वापस घर ले जाया गया।
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एनसीसी में नहीं हुआ था चयन
कासगंज। एनसीसी के कैप्टन आलोक दुबे ने कहा कि छात्र का एनसीसी में चयन नहीं हुआ था। एनसीसी में गोदना का प्रतिबंध का कोई नियम नहीं है। छात्र विद्यालय में कक्षा 12 में पढ़ रहा था। ऐसे में उसका एनसीसी में चयन नहीं हो सकता था।
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