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Etah News: बैरक में गला दबाकर बंदी की हत्या के प्रयास का आरोप
Fri, 12 Jul 2024 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 12 Jul 2024 11:21 PM IST
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एटा। जिला कारागार में बंदियों के दो गुट आपस में लड़ गए। एक विचाराधीन बंदी ने जेल प्रशासन के माध्यम से कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि उसकी बैरक में रहने वाले अन्य बंदियों ने मिलकर उसके ऊपर जानलेवा हमला बोला दिया। जान से मारने की नीयत से गला दबाया और पीटा। 10 लाख की सुपारी लेकर हत्या के षड्यंत्र की बात कही है।
थाना कोतवाली नगर में जिला कारागार के बैरक नंबर 10 में निरुद्ध धर्मपाल सिंह ने इसी बैरक के अक्षय सहित सात बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि कारागार में निरुद्ध आरोपी रंजिश के तहत मुझे जान से मारना चाहते हैं। 9 जुलाई को सुबह 8 बजे मैं हाता नंबर पांच के पास मंदिर के सामने नहाने बैठा था। उसी समय अक्षय यादव, शिवकुमार उर्फ गोला, गुलशन, शीलू, आशू, सोहिल और मोनू उर्फ रोहित ने जान से मारने की नीयत से मेरे ऊपर हमला कर दिया। मुझे जमीन पर गिरा लिया और अक्षय मेरी छाती पर बैठकर गला दबाने लगा। अन्य सभी लात-घूसों से मारने लगे।
मेरी चीख-पुकार सुनकर देवेंद्र, भूपेंद्र, मुकेश कुमार आदि बंदी आए और मुझे बचाया। बाद में मुझे पता लगा कि असलम नाम के व्यक्ति ने षड़यंत्र के तहत उनको भेजा। 10 लाख रुपए में मुझे मारने की बात हुई है। इन लोगों को काम होते ही पैसा असलम से मिलेगा। यह आरोप बंदी धर्मपाल सिंह ने लगाया है। कारागार अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि दो गुटों के मध्य विवाद हुआ था। उसी में एक बंदी धर्मपाल सिंह घायल हो गया था। उसकी तहरीर को हमने थाने भेजा था। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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हत्या के मामले में निरुद्ध हैं दोनों बंदी
दोनों ही बंदी हत्या के मामले में निरुद्ध हैं। इनमें से आरोपी अक्षय पर दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप है। वह पीएसी में आरक्षी है।
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थाना कोतवाली नगर में जिला कारागार के बैरक नंबर 10 में निरुद्ध धर्मपाल सिंह ने इसी बैरक के अक्षय सहित सात बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि कारागार में निरुद्ध आरोपी रंजिश के तहत मुझे जान से मारना चाहते हैं। 9 जुलाई को सुबह 8 बजे मैं हाता नंबर पांच के पास मंदिर के सामने नहाने बैठा था। उसी समय अक्षय यादव, शिवकुमार उर्फ गोला, गुलशन, शीलू, आशू, सोहिल और मोनू उर्फ रोहित ने जान से मारने की नीयत से मेरे ऊपर हमला कर दिया। मुझे जमीन पर गिरा लिया और अक्षय मेरी छाती पर बैठकर गला दबाने लगा। अन्य सभी लात-घूसों से मारने लगे।
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मेरी चीख-पुकार सुनकर देवेंद्र, भूपेंद्र, मुकेश कुमार आदि बंदी आए और मुझे बचाया। बाद में मुझे पता लगा कि असलम नाम के व्यक्ति ने षड़यंत्र के तहत उनको भेजा। 10 लाख रुपए में मुझे मारने की बात हुई है। इन लोगों को काम होते ही पैसा असलम से मिलेगा। यह आरोप बंदी धर्मपाल सिंह ने लगाया है। कारागार अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि दो गुटों के मध्य विवाद हुआ था। उसी में एक बंदी धर्मपाल सिंह घायल हो गया था। उसकी तहरीर को हमने थाने भेजा था। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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हत्या के मामले में निरुद्ध हैं दोनों बंदी
दोनों ही बंदी हत्या के मामले में निरुद्ध हैं। इनमें से आरोपी अक्षय पर दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप है। वह पीएसी में आरक्षी है।