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अधिमास पूर्णिमा पर गंगा स्नान को उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Thu, 02 Jul 2015 11:10 PM IST
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अधिमास पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पहुंचे कर स्नान कर पुण्य अर्जित किया। मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद निर्धनों को भोजन कराया। पंडितों पुजारियों को दान दक्षिणा दी गई।
गुरुवार को गंगा स्नान के लिए सुबह से श्रद्वालुओं की भीड़ गंगा घाटों पर जुटने लगे।
लहरा, कछला, इस्माइलपुर, कादरगंज, शहबाजपुर, हरि की पौढ़ी आदि घाटों पर श्रद्धालु ु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्वालुओं ने गंगा के बड़े हुए जल स्तर के बीच गंगा स्नान किया। जहां बुजुर्ग एवं महिला श्रद्वालु घाट के नजदीक ही स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे थे। वहीं उत्साही युवा गंगा में काफी दूर तक जाकर स्नान का लुत्फ ले रहे थे। स्नान के उपरांत श्रद्धालु गंगा घाटों पर बने मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। विधि विधान से पूजा अर्चना की। मंदिरों के पुरोहितों ने पूजा अर्चना कार्यक्रम संपन्न कराया। घाटों में बने आश्रमों पर पहुंच कर साधु संतों से आशीष लिया। अधिमास में दान पुण्य के विशेष महत्व को देखते हुए श्रद्धालु ु निर्धनों को भोजन कराते देखे गए। उन्होंने अन्न, वस्त्र आदि दान स्वरूप भेंट किया। गंगा स्नान का यह क्रम देर सायं तक चलता रहा।
वाहनों की खली कमी
कासगंज। बरेली रेलमार्ग शुरू न होने से अभी श्रद्वालुओं को सड़क मार्ग का ही सहारा लेना पड़ता है। परिवहन विभाग की अतिरिक्त विशेषताएं न होने से श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई। तमाम श्रद्धालुओं ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। ऐसे श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर वाहनों की छतों पर बैठ कर या लटक कर यात्रा करते देखे गए।
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जाम में फंसे रहे श्रद्धालु
कासगंज। गंगा स्नान के लिए बाहरी जनपदों से भी श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्य के श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से घाटों पर पहुंचे। जिससे मार्ग पर वाहनों का काफी दबाव रहा। वाहनों की अधिकता के चलते मार्गों पर जाम के हालात भी बने। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।
दुग्धभिषेक कर आरती उतारी
सोरों (ब्यूरो)। पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी के पवित्र जल में गंगा स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित किया। भोर की पहली किरण से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गये। मां गंगा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने गंगा के पवित्र जल में स्नान कर प्रसाद बांटा। गंगा का दुग्धभिषेक कर आरती उतारी। परिवार के मंगल के लिए गंगा मैया से प्रार्थना करते हुुए श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पैरावनी की। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की तथा संत आश्रमों में पहुंचकर साधु सन्यासियों के लिए कपड़े और भोजन दान में दिए। तीर्थनगरी के देवालयों में सपरिवार पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वराह भगवान, बालाजी दरबार, सोमेश्वर, पंचमहाशक्ति, सिद्ध हनुमान, 84 घंटे वाली माता, द्वारिकाधीश आदि मंदिरों में दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी।
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गुरुवार को गंगा स्नान के लिए सुबह से श्रद्वालुओं की भीड़ गंगा घाटों पर जुटने लगे।
लहरा, कछला, इस्माइलपुर, कादरगंज, शहबाजपुर, हरि की पौढ़ी आदि घाटों पर श्रद्धालु ु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्वालुओं ने गंगा के बड़े हुए जल स्तर के बीच गंगा स्नान किया। जहां बुजुर्ग एवं महिला श्रद्वालु घाट के नजदीक ही स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे थे। वहीं उत्साही युवा गंगा में काफी दूर तक जाकर स्नान का लुत्फ ले रहे थे। स्नान के उपरांत श्रद्धालु गंगा घाटों पर बने मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। विधि विधान से पूजा अर्चना की। मंदिरों के पुरोहितों ने पूजा अर्चना कार्यक्रम संपन्न कराया। घाटों में बने आश्रमों पर पहुंच कर साधु संतों से आशीष लिया। अधिमास में दान पुण्य के विशेष महत्व को देखते हुए श्रद्धालु ु निर्धनों को भोजन कराते देखे गए। उन्होंने अन्न, वस्त्र आदि दान स्वरूप भेंट किया। गंगा स्नान का यह क्रम देर सायं तक चलता रहा।
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वाहनों की खली कमी
कासगंज। बरेली रेलमार्ग शुरू न होने से अभी श्रद्वालुओं को सड़क मार्ग का ही सहारा लेना पड़ता है। परिवहन विभाग की अतिरिक्त विशेषताएं न होने से श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई। तमाम श्रद्धालुओं ने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। ऐसे श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर वाहनों की छतों पर बैठ कर या लटक कर यात्रा करते देखे गए।
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जाम में फंसे रहे श्रद्धालु
कासगंज। गंगा स्नान के लिए बाहरी जनपदों से भी श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्य के श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से घाटों पर पहुंचे। जिससे मार्ग पर वाहनों का काफी दबाव रहा। वाहनों की अधिकता के चलते मार्गों पर जाम के हालात भी बने। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।
दुग्धभिषेक कर आरती उतारी
सोरों (ब्यूरो)। पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी के पवित्र जल में गंगा स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित किया। भोर की पहली किरण से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गये। मां गंगा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने गंगा के पवित्र जल में स्नान कर प्रसाद बांटा। गंगा का दुग्धभिषेक कर आरती उतारी। परिवार के मंगल के लिए गंगा मैया से प्रार्थना करते हुुए श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पैरावनी की। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की तथा संत आश्रमों में पहुंचकर साधु सन्यासियों के लिए कपड़े और भोजन दान में दिए। तीर्थनगरी के देवालयों में सपरिवार पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वराह भगवान, बालाजी दरबार, सोमेश्वर, पंचमहाशक्ति, सिद्ध हनुमान, 84 घंटे वाली माता, द्वारिकाधीश आदि मंदिरों में दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी।