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बारिश की बेरुखी: 15 हजार हेक्टेयर की खरीफ फसल हुई बर्बाद
सार
सावन और भादों में इस बार बारिश ने बेरुखी दिखाई।जिसकी वजह से करीब 15 बीघा की फसल सूखकर बर्बाद हो गई। -जयवीर सिंह, वाहनपुरकम बरसात के चलते मक्का की फसल की समय से सिंचाई नहीं हो सकी।
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विस्तार
एटा। सावन और भादों में इस बार बारिश ने बेरुखी दिखाई। कम बारिश के चलते करीब 15 हजार हेक्टेयर खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ है। नुकसान की बात कृषि विभाग व राजस्व विभाग ने अपने सर्वे में मानी है। जबकि किसान इससे ज्यादा हानि होने की बात कह रहे हैं।
शासन के निर्देश के बाद कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम ने जिले में किसानों की फसल प्रभावित होने का सर्वे किया। इसमें पाया गया है कि खरीफ के रकबे के 15 फीसदी हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। समय से बारिश न होने से किसानों की करीब 15 हजार 66 हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है। जिले में खरीफ की फसल का कुल रकबा 1 लाख 444 हेक्टेयर है।
जिले को नहीं किया गया सूखाग्रस्त घोषित
उप कृषि निदेशक रोताश कुमार का कहना है कि अगर औसत से 50 फीसदी कम बारिश दर्ज की जाती तो जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाता। इस बार 50 फीसदी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस साल सर्वे के मुताबिक अगस्त माह तक कुल 537.50 मिमी बारिश दर्ज की गई। औसत बारिश 583.60 मिमी है।
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धान की फसल की बुवाई के बाद जून व जुलाई माह में नाममात्र की बारिश हुई। जिसकी वजह से करीब 15 बीघा की फसल सूखकर बर्बाद हो गई। - जयवीर सिंह, वाहनपुर
कम बरसात के चलते मक्का की फसल की समय से सिंचाई नहीं हो सकी। इसकी वजह से करीब 20 बीघा खेत में खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। - मानवेंद्र, सहसपुर
बारिश समय से नहीं हुई और विद्युत निगम की ओर से बिजली सप्लाई भी नहीं मिल सकी। इसकी वजह से बाजरा की फसल सूख गई। काफी परेशान हैं। - दीपक कुमार, हरनावली
बारिश न होने की वजह से धान की फसल काफी हद तक प्रभावित हुई है। इस साल बहुत कम उत्पादन होने की संभावना बची है। - राजकुमार, सकीट
इन फसलों को हुआ नुकसान :
फसल- कुल रकबा- नुकसान
धान- 18047- 2707
मक्का- 27967- 4195
बाजरा- 49390- 7408
उर्द- 993- 148
मूंग- 370- 55
अरहर- 2677- 401
मूंगफली- 484- 72
तिल- 516- 77
कुल- 100444- 15063
कृषि विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिले में किसानों की प्रभावित फसल का सर्वे किया गया जिसमें करीब 15 फीसदी फसल बारिश न होने की वजह से प्रभावित हुई है। शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। मानकों के अनुसार कोई मुआवजे की श्रेणी में नहीं आ रहा है। - रोताश कुमार, उपकृषि निदेशक
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शासन के निर्देश के बाद कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम ने जिले में किसानों की फसल प्रभावित होने का सर्वे किया। इसमें पाया गया है कि खरीफ के रकबे के 15 फीसदी हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। समय से बारिश न होने से किसानों की करीब 15 हजार 66 हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है। जिले में खरीफ की फसल का कुल रकबा 1 लाख 444 हेक्टेयर है।
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जिले को नहीं किया गया सूखाग्रस्त घोषित
उप कृषि निदेशक रोताश कुमार का कहना है कि अगर औसत से 50 फीसदी कम बारिश दर्ज की जाती तो जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाता। इस बार 50 फीसदी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस साल सर्वे के मुताबिक अगस्त माह तक कुल 537.50 मिमी बारिश दर्ज की गई। औसत बारिश 583.60 मिमी है।
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धान की फसल की बुवाई के बाद जून व जुलाई माह में नाममात्र की बारिश हुई। जिसकी वजह से करीब 15 बीघा की फसल सूखकर बर्बाद हो गई। - जयवीर सिंह, वाहनपुर
कम बरसात के चलते मक्का की फसल की समय से सिंचाई नहीं हो सकी। इसकी वजह से करीब 20 बीघा खेत में खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। - मानवेंद्र, सहसपुर
बारिश समय से नहीं हुई और विद्युत निगम की ओर से बिजली सप्लाई भी नहीं मिल सकी। इसकी वजह से बाजरा की फसल सूख गई। काफी परेशान हैं। - दीपक कुमार, हरनावली
बारिश न होने की वजह से धान की फसल काफी हद तक प्रभावित हुई है। इस साल बहुत कम उत्पादन होने की संभावना बची है। - राजकुमार, सकीट
इन फसलों को हुआ नुकसान :
फसल- कुल रकबा- नुकसान
धान- 18047- 2707
मक्का- 27967- 4195
बाजरा- 49390- 7408
उर्द- 993- 148
मूंग- 370- 55
अरहर- 2677- 401
मूंगफली- 484- 72
तिल- 516- 77
कुल- 100444- 15063
कृषि विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिले में किसानों की प्रभावित फसल का सर्वे किया गया जिसमें करीब 15 फीसदी फसल बारिश न होने की वजह से प्रभावित हुई है। शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। मानकों के अनुसार कोई मुआवजे की श्रेणी में नहीं आ रहा है। - रोताश कुमार, उपकृषि निदेशक