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20 मिनट का खूनी खेल
Etah
Updated Mon, 30 Jun 2014 05:30 AM IST
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एटा। जीआईसी कालोनी में कच्छा-बनियानधारी गिरोह ने 20 मिनट तक खूनी खेल खेला। रहम की भीख मांगने पर भी बदमाशों को तरस नहीं आया। बदमाशों ने बेरहमी से सरिया व लाठी-डंडों से परिवार के सदस्यों को पीटा। बाद में बदमाश उन्हें मरा समझकर घर के अंदर घुस गए और लाखों की नकदी व जेवरात लूट लिए। बाद में आपस में चल निकल-चल निकल काम हो गया, कहते हुए भाग गए। इधर, बदमाशों ने नए एसएसपी को पदभार संभालने के साथ ही खुली चुनौती दी है। एसएसपी अंसारी ने शनिवार की देर शाम ही यहां आकर चार्च संभाला और रात में ही इतनी बड़ी घटना को गई।
वारदात में घायल इरशाद ने बताया कि जब वह सो रहे थे, तभी अचानक बदमाश आ धमके। करीब 20 मिनट में ही पूरी घटना को अंजाम देकर भाग गए। इस दौरान उन्हाेंने एक बदमाश से लड़ाई भी की, मगर ज्यादा बदमाशों को देख उनकी हिम्मत टूट गई। घरवालों को लहूलुहान देखकर वह भी कुछ नहीं कर सके। घर के अंदर मौजूद उनकी मां को भी बेरहमी से पीटा। एक बदमाश से डंडा जरूर छीन लिया। बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। तेज-तर्रार होने के कारण वह करीब छह फीट की दीवार को भी आसानी से फलांग गए। इरशाद ने बताया कि उनकी पत्नी बोलने की स्थिति में नहीं है। खौफनाक मंजर देख वह अभी सहम जाती है।
इधर, पुलिस ने जब कांबिंग की तो एक किलोमीटर दूर खेतों में खाली बक्से व सूटकेस मिले। मौके पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी पड़ी मिली। बदमाश असली जेवरात ले गए। देर शाम कई थानों की पुलिस की मौजूदगी में इकबाल का शव दफना दिया गया। मजीद का शव परिवारीजन शिकोहाबाद ले गए। घटना के बाद नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी भी पहुंच गए और पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मौके पर ही दी। जिला फुटबाल संघ के सचिव राजीव यादव बॉबी का कहना है कि यदि जल्द ही बदमाश नहीं पकड़े गए और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता नहीं मिली तो आंदोलन किया जाएगा।
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मौत खींच लाई मजीद को
एटा। फीरोजाबाद निवासी मजीद राजमिस्त्री था। करीब दो महीने पहले ही साढू कल्लू के किदवई नगर स्थित प्लाट पर मकान बनाने के लिए आया था। मजीद सुबह वहां काम करता था और रात को सोने उनके घर पहुंच जाता था। बताते हैं कि मजीद के छह बच्चे हैं। दो बच्चों की शादी हो चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर का फुटबाल खिलाड़ी था इकबाल
एटा। इकबाल राष्ट्रीय स्तर का जूनियर फुटबाल का खिलाड़ी था। स्कूल की ओर से अंडर 19 में शामिल होकर बाहर खेल चुका था। वह आजमगढ़, गोरखपुर सहित कई जिलों में फुटबाल मैच खेलकर नाम भी कमा चुका था। वहीं बड़ा भाई इरशाद भी बेहतरीन फुटबाल का खिलाड़ी है।
वर्ष 2000 में भी हुई थी इस तरह की लूट
एटा। लोगों ने बताया कि वर्ष 2000 में भी बदमाशों ने इसी घर में लूटपाट की थी। मगर किसी के साथ मारपीट नहीं की थी। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह दहशत में आ गए थे।
जलेसर की घटना से नहीं लिया सबक
एटा। जलेसर क्षेत्र में भी सवा महीने पहले कच्छा-बनियाधारी गिरोह का आतंक रहा। रोज बदमाश आ रहे थे। लोगों में भी दहशत थी और रात जागकर काट रहे थे। इसके बाद भी पुलिस नहीं चेती और इस गिरोह के सदस्य ने एक ही रात में तीन स्थानों पर वारदात को अंजाम दिया था। गांव कोसमा में एक महात्मा की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जबकि जलेसर शहर में बैंक कर्मी भगवानदास के यहां डकैती डाली थी। इसमें पांच लोग घायल हुए थे। इधर, लोगाें को शक है कि कहीं चार-पांच दिन पहले कोतवाली देहात के गांव चिलासनी में किशोर की हुई हत्या के तार कहीं इन्हीं बदमाशों से तो जुडे़ नहीं हैं। मृतक के पिता का कहना था कि उसकी किसी से रंजिश नहीं है। किशोर एक दिन पहले ही घर से लापता हो गया था।
कल्लू से पहले तीन घरों को बनाया निशाना
एटा। कच्छा-बनियानधारी गिरोह ने रात का फायदा उठाया। कल्लू के घर धावा बोलने से पहले उन्होंने तीन घरों को अपना निशाना बनाया। जीआईसी कालोनी से कुछ दूरी पर स्थित मोहल्ला रुकमणि निवासी विजय सिंह के घर जा पहुंचे। छत के रास्ते घर में घुस गए और सबसे पहले वहां रखा मोबाइल गायब कर दिया। बाद में पूरी अलमारी को ही उठा ले गए। करीब आधा किलोमीटर दूर जाकर उसमें रखे लाखों के जेवरात सहित नकदी लूटकर ले गए। बाद में अलमारी को खेत पर फेंककर भाग गए। इसके बाद बदमाश साक्षी आश्रम निवासी सूरज के घर पहुंचे और घर पर यह जानने के लिए पत्थर फेंके कि लोग सो रहे हैं या नहीं। पत्थर आते ही सूरज ने समझा बदमाश आ गए और उसने फायर कर दिया। जगार होने पर बदमाश भाग गए। बाद में मोहल्ले के ही किशनवीर के घर पहुंचे, वहां भी जगार होने पर कुछ हाथ नहीं लगा।
जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे प्रतीत होता है कि यह काम बावरिया गिरोह का है। सभी जगह वायरलेस कर दिया है। इस गिरोह के बारे में जानकारी ली जा रही है। चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की हैं।
-अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी
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वारदात में घायल इरशाद ने बताया कि जब वह सो रहे थे, तभी अचानक बदमाश आ धमके। करीब 20 मिनट में ही पूरी घटना को अंजाम देकर भाग गए। इस दौरान उन्हाेंने एक बदमाश से लड़ाई भी की, मगर ज्यादा बदमाशों को देख उनकी हिम्मत टूट गई। घरवालों को लहूलुहान देखकर वह भी कुछ नहीं कर सके। घर के अंदर मौजूद उनकी मां को भी बेरहमी से पीटा। एक बदमाश से डंडा जरूर छीन लिया। बदमाशों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। तेज-तर्रार होने के कारण वह करीब छह फीट की दीवार को भी आसानी से फलांग गए। इरशाद ने बताया कि उनकी पत्नी बोलने की स्थिति में नहीं है। खौफनाक मंजर देख वह अभी सहम जाती है।
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इधर, पुलिस ने जब कांबिंग की तो एक किलोमीटर दूर खेतों में खाली बक्से व सूटकेस मिले। मौके पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी पड़ी मिली। बदमाश असली जेवरात ले गए। देर शाम कई थानों की पुलिस की मौजूदगी में इकबाल का शव दफना दिया गया। मजीद का शव परिवारीजन शिकोहाबाद ले गए। घटना के बाद नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी भी पहुंच गए और पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मौके पर ही दी। जिला फुटबाल संघ के सचिव राजीव यादव बॉबी का कहना है कि यदि जल्द ही बदमाश नहीं पकड़े गए और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता नहीं मिली तो आंदोलन किया जाएगा।
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मौत खींच लाई मजीद को
एटा। फीरोजाबाद निवासी मजीद राजमिस्त्री था। करीब दो महीने पहले ही साढू कल्लू के किदवई नगर स्थित प्लाट पर मकान बनाने के लिए आया था। मजीद सुबह वहां काम करता था और रात को सोने उनके घर पहुंच जाता था। बताते हैं कि मजीद के छह बच्चे हैं। दो बच्चों की शादी हो चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर का फुटबाल खिलाड़ी था इकबाल
एटा। इकबाल राष्ट्रीय स्तर का जूनियर फुटबाल का खिलाड़ी था। स्कूल की ओर से अंडर 19 में शामिल होकर बाहर खेल चुका था। वह आजमगढ़, गोरखपुर सहित कई जिलों में फुटबाल मैच खेलकर नाम भी कमा चुका था। वहीं बड़ा भाई इरशाद भी बेहतरीन फुटबाल का खिलाड़ी है।
वर्ष 2000 में भी हुई थी इस तरह की लूट
एटा। लोगों ने बताया कि वर्ष 2000 में भी बदमाशों ने इसी घर में लूटपाट की थी। मगर किसी के साथ मारपीट नहीं की थी। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह दहशत में आ गए थे।
जलेसर की घटना से नहीं लिया सबक
एटा। जलेसर क्षेत्र में भी सवा महीने पहले कच्छा-बनियाधारी गिरोह का आतंक रहा। रोज बदमाश आ रहे थे। लोगों में भी दहशत थी और रात जागकर काट रहे थे। इसके बाद भी पुलिस नहीं चेती और इस गिरोह के सदस्य ने एक ही रात में तीन स्थानों पर वारदात को अंजाम दिया था। गांव कोसमा में एक महात्मा की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जबकि जलेसर शहर में बैंक कर्मी भगवानदास के यहां डकैती डाली थी। इसमें पांच लोग घायल हुए थे। इधर, लोगाें को शक है कि कहीं चार-पांच दिन पहले कोतवाली देहात के गांव चिलासनी में किशोर की हुई हत्या के तार कहीं इन्हीं बदमाशों से तो जुडे़ नहीं हैं। मृतक के पिता का कहना था कि उसकी किसी से रंजिश नहीं है। किशोर एक दिन पहले ही घर से लापता हो गया था।
कल्लू से पहले तीन घरों को बनाया निशाना
एटा। कच्छा-बनियानधारी गिरोह ने रात का फायदा उठाया। कल्लू के घर धावा बोलने से पहले उन्होंने तीन घरों को अपना निशाना बनाया। जीआईसी कालोनी से कुछ दूरी पर स्थित मोहल्ला रुकमणि निवासी विजय सिंह के घर जा पहुंचे। छत के रास्ते घर में घुस गए और सबसे पहले वहां रखा मोबाइल गायब कर दिया। बाद में पूरी अलमारी को ही उठा ले गए। करीब आधा किलोमीटर दूर जाकर उसमें रखे लाखों के जेवरात सहित नकदी लूटकर ले गए। बाद में अलमारी को खेत पर फेंककर भाग गए। इसके बाद बदमाश साक्षी आश्रम निवासी सूरज के घर पहुंचे और घर पर यह जानने के लिए पत्थर फेंके कि लोग सो रहे हैं या नहीं। पत्थर आते ही सूरज ने समझा बदमाश आ गए और उसने फायर कर दिया। जगार होने पर बदमाश भाग गए। बाद में मोहल्ले के ही किशनवीर के घर पहुंचे, वहां भी जगार होने पर कुछ हाथ नहीं लगा।
जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे प्रतीत होता है कि यह काम बावरिया गिरोह का है। सभी जगह वायरलेस कर दिया है। इस गिरोह के बारे में जानकारी ली जा रही है। चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की हैं।
-अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी