{"_id":"4-61316","slug":"Etah-61316-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"मायके में जिंदा मिली नीलम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मायके में जिंदा मिली नीलम
Etah
Updated Sat, 22 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोरों। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ससुरालीजनों के खिलाफ दर्ज कराया गए दहेज हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। विवाहिता अपने मायके में जिंदा मिल गई। पति ने उसे पुलिस के समक्ष पेश किया। विवाहिता की इच्छा पर उसे पुलिस ने पति के साथ भेज दिया।
चंडौस व सामंती नगला के बीच जंगल में 11 जून को एक विवाहिता की लाश बरामद हुई थी। जिसके गले में फांसी का फंदा पड़ा हुआ था और चेहरे पर तेजाब डालकर झुलसा दिया गया था। इस लाश को ग्राम खैरपुर निवासी फौजदार सिंह ने अपनी पुत्री नीलम के रूप में पहचान करते हुए कोतवाली में उसके पति कुम्हरौआ निवासी रामगोपाल पुत्र मिश्रीलाल व उसके बहनोई लखपत सिंह व करतार सिंह पुत्रगण रोशन सिंह निवासी ग्राम दुलीचंदपुर पर दहेज के लिए हत्या का मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार सुबह नीलम को लेकर उसका पति रामगोपाल कोतवाली लेकर आया, जहां पुलिस को उसने सारे वाकये से अवगत कराया। नीलम का कहना था कि उसका पति से झगड़ा हो जाने के कारण वह कुम्हरौआ से अपने मायके खैरपुर के लिए 11 जून को तड़के घर से निकल आई और रास्ता भटक जाने के कारण दूसरे गांव में पहुंच गई। इसके कारण वह अपने मायके दो दिन बाद पहुंच पाई। नीलम के पति रामगोपाल ने बताया कि 17 जून को खैरपुर से फोन द्वारा उसे नीलम के मायके में होने की जानकारी हुई तो वह उसे आज लेकर पुलिस को सच्चाई से अवगत कराने को कोतवाली लाया है। पुलिस ने नीलम द्वारा पति के साथ जाने की इच्छा व्यक्त करने पर उसे पति की सुपुर्दगी में दे दिया।
चोरों ने भी घर को खंगाल डाला
सोरों (ब्यूरो)। रामगोपाल पर अपनी पत्नी नीलम की हत्या का मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। वह घर पर ताला डालकर फरार हो गया। चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए घर का ताला चटकाकर 42 हजार रुपये की नगदी, सोने की जंजीर, अंगूठी, पाजेब के अलावा बर्तन व अन्य घरेलू सामान चुरा लिया।
विज्ञापन
वह मृतका कौन थी!
सोरों (ब्यूरो)। नीलम के जिंदा मिल जाने के बाद जंगल में मिली क्षतविक्षत लाश की गुत्थी उलझ गई है। अब पुलिस के सामने अब सवाल खड़ा हो गया है कि जंगल में मिली लाश किसकी थी। हत्या का मामला दर्ज हो जाने के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल बंद कर दी थी। पुलिस को अब नए सिरे से जांच शुरू करनी होगी।
विज्ञापन
चंडौस व सामंती नगला के बीच जंगल में 11 जून को एक विवाहिता की लाश बरामद हुई थी। जिसके गले में फांसी का फंदा पड़ा हुआ था और चेहरे पर तेजाब डालकर झुलसा दिया गया था। इस लाश को ग्राम खैरपुर निवासी फौजदार सिंह ने अपनी पुत्री नीलम के रूप में पहचान करते हुए कोतवाली में उसके पति कुम्हरौआ निवासी रामगोपाल पुत्र मिश्रीलाल व उसके बहनोई लखपत सिंह व करतार सिंह पुत्रगण रोशन सिंह निवासी ग्राम दुलीचंदपुर पर दहेज के लिए हत्या का मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार सुबह नीलम को लेकर उसका पति रामगोपाल कोतवाली लेकर आया, जहां पुलिस को उसने सारे वाकये से अवगत कराया। नीलम का कहना था कि उसका पति से झगड़ा हो जाने के कारण वह कुम्हरौआ से अपने मायके खैरपुर के लिए 11 जून को तड़के घर से निकल आई और रास्ता भटक जाने के कारण दूसरे गांव में पहुंच गई। इसके कारण वह अपने मायके दो दिन बाद पहुंच पाई। नीलम के पति रामगोपाल ने बताया कि 17 जून को खैरपुर से फोन द्वारा उसे नीलम के मायके में होने की जानकारी हुई तो वह उसे आज लेकर पुलिस को सच्चाई से अवगत कराने को कोतवाली लाया है। पुलिस ने नीलम द्वारा पति के साथ जाने की इच्छा व्यक्त करने पर उसे पति की सुपुर्दगी में दे दिया।
विज्ञापन
चोरों ने भी घर को खंगाल डाला
सोरों (ब्यूरो)। रामगोपाल पर अपनी पत्नी नीलम की हत्या का मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। वह घर पर ताला डालकर फरार हो गया। चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए घर का ताला चटकाकर 42 हजार रुपये की नगदी, सोने की जंजीर, अंगूठी, पाजेब के अलावा बर्तन व अन्य घरेलू सामान चुरा लिया।
विज्ञापन
वह मृतका कौन थी!
सोरों (ब्यूरो)। नीलम के जिंदा मिल जाने के बाद जंगल में मिली क्षतविक्षत लाश की गुत्थी उलझ गई है। अब पुलिस के सामने अब सवाल खड़ा हो गया है कि जंगल में मिली लाश किसकी थी। हत्या का मामला दर्ज हो जाने के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल बंद कर दी थी। पुलिस को अब नए सिरे से जांच शुरू करनी होगी।