{"_id":"6ad7af030e5688f46f0ba55d","slug":"75-cm-lump-removed-from-a-womans-uterus-at-a-medical-college-etah-news-c-163-1-eta1004-158744-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: मेडिकल कॉलेज में महिला के गर्भाशय से निकाली 7.5 सेंटीमीटर की गांठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: मेडिकल कॉलेज में महिला के गर्भाशय से निकाली 7.5 सेंटीमीटर की गांठ
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एक महिला को नया जीवनदान दिया है। महिला के गर्भाशय में करीब 7.5 सेंटीमीटर की गांठ थी। इसके चलते परिजन काफी चिंतित थे। करीब एक महीने तक उपचार चलने के बाद चिकित्सक ने ऑपरेशन कर गांठ निकाल दी।
जनपद प्रतापगढ़ निवासी तान्या सिंह (30) के गर्भाशय में गांठ होने की जानकारी मिलने पर परिजन ने प्रयागराज और लखनऊ के चिकित्सकों से भी परामर्श लिया था। महिला के भाई चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ में चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय निकालने की आशंका जताई थी। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई थी।
इसके बाद तान्या का उपचार एटा के मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में कराया। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह की देखरेख में उपचार शुरू हुआ। करीब एक महीने तक उपचार के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर गांठ सफलतापूर्वक निकाल दी। ऑपरेशन सफल होने से परिजन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
परिजन ने डॉ. साधना सिंह की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता की सराहना की। चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने उपचार के दौरान भरोसा दिलाया था और सफल ऑपरेशन से उसे कायम रखा।
जनपद प्रतापगढ़ निवासी तान्या सिंह (30) के गर्भाशय में गांठ होने की जानकारी मिलने पर परिजन ने प्रयागराज और लखनऊ के चिकित्सकों से भी परामर्श लिया था। महिला के भाई चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ में चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय निकालने की आशंका जताई थी। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई थी।
विज्ञापन
इसके बाद तान्या का उपचार एटा के मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में कराया। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह की देखरेख में उपचार शुरू हुआ। करीब एक महीने तक उपचार के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर गांठ सफलतापूर्वक निकाल दी। ऑपरेशन सफल होने से परिजन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
परिजन ने डॉ. साधना सिंह की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता की सराहना की। चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने उपचार के दौरान भरोसा दिलाया था और सफल ऑपरेशन से उसे कायम रखा।