एटा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश दिनेश चन्द की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत दीवानी न्यायालय एटा, ग्राम न्यायालय अलीगंज, कलेक्ट्रेट और तहसील न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों ने सुनवाई करते हुए 50,645 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत का यहां शुभारंभ जनपद न्यायाधीश, अपर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 63,786 वाद सूचीबद्ध थे, जिसमें से कुल 50,645 वादों का निस्तारण किया गया। यह जनपद की अब तक की राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए गए वादों की अधिकतम संख्या है। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय द्वारा कुल-19 पारिवारिक मामलों का सुलह-समझौता के आधार पर निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण द्वारा कुल 127 वादों का निस्तारण कर 8.22 करोड़ क्षतिपूर्ति दिलवाई गई। स्थाई लोक अदालत एटा द्वारा कुल तीन वादों का, विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) द्वारा कुल 480 वाद, विशेष न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्सक्लूसिव एक्ट) द्वारा कुल 10 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर द्वारा कुल 527, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 2,597 मामलों का निस्तारण किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट, एटा द्वारा कुल 610 मामलों का निस्तारण किया गया। न्यायाधिकारी, ग्रामीण न्यायालय, अलीगंज द्वारा कुल 622 मामलों का निस्तारण व अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वारा कुल 230 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं प्रशासन द्वारा कुल 42,659 लंबित व प्री-लिटीगेशन वादों का निस्तारण किया गया। सभी बैंकों के द्वारा 473 मामलों का निस्तारण कर सात करोड़ 61 लाख 62 हजार रुपये की धनराशि वसूली निर्धारित की गई। मौके पर तीन करोड़ 87 लाख 37 हजार रुपये की ऋण वसूली कर लोन मामलों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थिति रहे।