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सड़कों में दफन हो गए शहर के 49 हाईडेंट

Fri, 17 Mar 2017 11:55 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Fri, 17 Mar 2017 11:55 PM IST
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49 hindants of the city buried in the streets
सड़कों में दफन हाईडेंट - फोटो : amar ujala
 शहर के कचहरी रोड पर नवंबर, 2015 में बहुमंजिला इमारत में लगी आग में दो मासूम जिंदा जल गए थे। कारण तीन मंजिल ऊंचाई पर पानी और सीढ़ियां नहीं पहुंच पाई थी। 16 महीने हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद भी शासन-प्रशासन और दमकल विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। तभी तो अब भी एटा में स्टाफ, संसाधनों की कमी और आग से सुरक्षा और हादसे से निपटने के इंतजाम बदहाल ही बने हैं।  
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देखें तो जिले में 19 लाख की आबादी है। शहरी इलाके में ही 26200 मकान हैं। इनमें बड़ी संख्या में तिमंजिला और बहुमंजिला इमारतें हैं। 50 से ज्यादा संकरी गलियां हैं, लेकिन इन सबके बीच आग से निपटने में अग्निशमन विभाग फेल है। कुछ साल पहले तक शहर में 49 हाईडेंट प्वाइंट थे। वक्त बदला, आबादी बढ़ी और सारे प्वाइंट सड़काें में दफन हो गए। अब पालिका के नलकूप से विभाग पानी लेकर काम चला रहा है। यहां भी आठ में से चार नलकूप खराब हैं। नलकूपों में भी अनहोनी के दौरान बिजली मिलने पर ही आग पर काबू पाया जा सकता है। वहीं, खास यह भी है कि दोनों दमकल वाहन जिला मुख्यालय पर रहते हैं। ऐसे में यदि 60 किमी दूर अलीगंज या 45 किमी दूर जलेसर में आग लगे, तो दोनों वाहन पहुंचने में 45-70 मिनट लगेगा। तक तब लपटें सबकुछ राख बना चुकी होंगी।
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मांग के बाद भी नहीं मिल सकी दमकल
जिले में 19 लाख की आबादी पर दो दमकल वाहन हैं। हर साल बढ़ते अग्निकांड के हादसे से निपटने में विभाग को कड़ी मशक्कत करनी होती है। विभाग की मानें तो जिले के लिए सात दमकल स्वीकृत हैं, लेकिन दशकभर से शासन से दमकल की आमद नहीं हो सकी। इसके लिए कई बार विभागीय स्तर और डीएम स्तर से भी पत्र भेजे जा चुके हैं।
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अगिभनरोधी उपकरण भी नदारद
विभाग के पास अगिभनरोधी उपकरणों का भी टोटा है। बहुमंजिला इमारतों तक पहुंचने के लिए विभाग के पास एक ही सीढ़ी है, लेकिन वो भी महज 35 फुट की ऊंचाई तक ही पहुंच सकती है। इसके साथ ही मास्क, पाइप समेत अन्य उपकरण भी सीमित संख्या में हैं या फिर उपयोग करने लायक नहीं हैं।  

स्टाफ का भी टोटा
पद                            स्वीकृत पद        भरे पद        रिक्त
अगिभनशमन अधिकारी                 1            1            0
अगिभनशमन अधिकारी द्वितीय          3            1(स्थानांतरित)    2
एसएचओ                             2            0            2
ड्राइवर                                 5            3            2
एचसीपी                              5            2            3
फायरमैन                             37            31            6



इनका कहना है
जिले में अगिभनकांड की घटनाओं से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों से काम चलाया जा रहा है। वाहन और स्टाफ के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए। फायर हाईटेंड आबादी के चलते सड़कों में दबे हैं। पालिका के नलकूप ही सहारा हैं।
वीके सिंह, मुख्य अगिभनशमन अधिकारी
 
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